कोलकाता: तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने की दर्दनाक घटना के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निर्देश पर हादसे की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। साथ ही कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा तक कई परियोजनाओं पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
हादसे के बाद जांच की जिम्मेदारी SIT को
सरकार की ओर से गठित पांच सदस्यीय विशेष जांच दल को पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह टीम हादसे के कारणों, निर्माण प्रक्रिया में संभावित लापरवाही और सुरक्षा मानकों के पालन की स्थिति की जांच करेगी। पुलिस ने विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
निर्माण परियोजनाओं का होगा सुरक्षा ऑडिट
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार निर्माण सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि पूर्व में स्वीकृत निर्माण परियोजनाओं का दोबारा मूल्यांकन किया जाए। इसके लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित की जाएगी, जो निर्माण स्थलों की सुरक्षा और तकनीकी मानकों की जांच करेगी।
मुख्य सचिव की निगरानी में बनेगी विशेष समिति
सरकार ने मुख्य सचिव की निगरानी में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का फैसला किया है। इस समिति में कोलकाता नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, दमकल, नागरिक सुरक्षा, पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारी शामिल होंगे। आवश्यकता पड़ने पर बंदरगाह और मेट्रो परियोजनाओं से जुड़े विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी।
राहत और बचाव अभियान जारी
तारातला हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। पुलिस, दमकल विभाग, नागरिक सुरक्षा बल, सेना और एनडीआरएफ की टीमें संयुक्त रूप से मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं। घायलों को तेजी से अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है। प्रशासन का कहना है कि हर संभव संसाधन राहत कार्य में लगाया गया है।
विधानसभा में देंगे बयान
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी गुरुवार को विधानसभा में तारातला हादसे पर विस्तृत बयान देंगे। माना जा रहा है कि सरकार इस घटना के बाद निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को और सख्त बनाने के लिए नई पहल की घोषणा कर सकती है।