भोपाल। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने मेडिकल ऑफिसर भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग द्वारा जारी यह अब तक का सबसे बड़ा चयन परिणाम माना जा रहा है। 1832 पदों के लिए आयोजित भर्ती प्रक्रिया में चार हजार से अधिक उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था।
आयोग ने इंटरव्यू प्रक्रिया को तय समय में पूरा करते हुए मुख्य परिणाम घोषित किया है। इससे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर होने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
45 दिन में पूरी हुई साक्षात्कार प्रक्रिया
मेडिकल ऑफिसर भर्ती के लिए आयोग ने 27 जनवरी से इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू की थी। 1832 पदों के लिए कुल 4047 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। यह प्रक्रिया 10 अप्रैल तक चली।
दो इंटरव्यू पैनलों के माध्यम से करीब 45 दिनों में सभी उम्मीदवारों के इंटरव्यू पूरे किए गए। इसके बाद आयोग ने एक महीने के भीतर परिणाम तैयार कर जारी कर दिया।
87 प्रतिशत मुख्य परिणाम जारी
आयोग ने भर्ती का 87 प्रतिशत मुख्य परिणाम घोषित किया है, जिसमें 1649 पद शामिल हैं। जारी परिणाम में 384 सामान्य वर्ग, 225 अनुसूचित जाति, 642 अनुसूचित जनजाति, 197 ओबीसी और 201 ईडब्ल्यूएस वर्ग के पद शामिल हैं।इन पदों के तहत कुल 1220 उम्मीदवारों का चयन किया गया है, जबकि 186 उम्मीदवारों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
अधिकारियों का मानना है कि बड़ी संख्या में मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। ग्रामीण और शहरी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर होने के साथ मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
आयोग के ओएसडी ने बताया कि ओबीसी आरक्षण से जुड़े मामले के कारण 13 प्रतिशत प्रावधिक भाग का परिणाम फिलहाल जारी नहीं किया गया है।