अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कमजोर वैश्विक संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ। लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 516.33 अंक यानी 0.66 प्रतिशत गिरकर 77,328.19 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी50 150.50 अंक यानी 0.62 प्रतिशत टूटकर 24,176.15 पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 77,631.94 पर खुला और दिन में 77,146.43 के निचले स्तर तक पहुंच गया। वहीं निफ्टी 24,233.65 पर खुलने के बाद 24,126.65 तक फिसल गया।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिला-जुला कारोबार
व्यापक बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
आईटी शेयरों में तेजी, बैंकिंग सेक्टर दबाव में
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी आईटी सबसे ज्यादा 1.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके अलावा एफएमसीजी, मीडिया, हेल्थकेयर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में भी खरीदारी देखने को मिली।
दूसरी ओर बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में भारी दबाव रहा। निफ्टी पीएसयू बैंक 3.06 प्रतिशत टूट गया, जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज, मेटल, प्राइवेट बैंक, ऑयल एंड गैस और ऑटो सेक्टर भी गिरावट के साथ बंद हुए।
इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल
निफ्टी 50 में टाइटन, अपोलो हॉस्पिटल, एशियन पेंट्स, टाटा कंज्यूमर, अदाणी पोर्ट्स, इंफोसिस और एचसीएल टेक के शेयरों में तेजी देखने को मिली।
वहीं एसबीआई के शेयरों में सबसे ज्यादा करीब 6.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा कोल इंडिया, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, ओएनजीसी और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर भी कमजोर रहे।
निवेशकों के 2 लाख करोड़ रुपये डूबे
शुक्रवार के कारोबारी सत्र में बाजार में गिरावट के चलते निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 473 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले सत्र में 475 लाख करोड़ रुपये था। यानी एक ही दिन में निवेशकों के करीब 2 लाख करोड़ रुपये डूब गए।