साउथ सुपरस्टार थलपति विजय इन दिनों तमिलनाडु की राजनीति को लेकर चर्चा में हैं। विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी की सफलता के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें भविष्य के मुख्यमंत्री के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई है, लेकिन साउथ सिनेमा और राजनीति का रिश्ता एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। तमिलनाडु और दक्षिण भारत की राजनीति में कई ऐसे सितारे रहे हैं जिन्होंने फिल्मों से निकलकर सत्ता तक का सफर तय किया और मुख्यमंत्री बनकर इतिहास रचा।
एनटी रामाराव: फिल्मों के सुपरस्टार से चार बार मुख्यमंत्री तक
एन टी रामाराव तेलुगु सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में गिने जाते हैं। उन्होंने ‘मना देशम’, ‘पल्लेटूरी पिल्ला’ और ‘राजू पेडा’ जैसी फिल्मों से लोकप्रियता हासिल की। साल 1982 में उन्होंने राजनीति में कदम रखते हुए तेलुगु देशम पार्टी (TDP) की स्थापना की। इसके बाद 1983 से 1995 के बीच वे चार बार आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और जनता के बीच बेहद लोकप्रिय नेता के रूप में उभरे।
जयललिता: अभिनेत्री से बनीं ‘अम्मा’
जे. जयललिता भारतीय राजनीति की सबसे प्रभावशाली महिला नेताओं में गिनी जाती हैं। फिल्मों में सफलता के बाद उन्होंने राजनीति का रुख किया और साल 1991 में पहली बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं।
उन्होंने छह बार मुख्यमंत्री पद संभाला और करीब 14 वर्षों तक राज्य की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाए रखी। जनता उन्हें प्यार से ‘अम्मा’ कहकर बुलाती थी।
एमजी रामचंद्रन: जनता के दिलों के सबसे बड़े नेता
एम जी रामचंद्रन यानी एमजीआर ने तमिल फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने ‘साथी लीलावती’ जैसी फिल्मों से अभिनय करियर शुरू किया था। साल 1972 में उन्होंने AIADMK पार्टी की स्थापना की और 1977 में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने। वे लगातार जनता के बीच लोकप्रिय रहे और उनकी छवि गरीबों के हितैषी नेता की रही। 1987 में उनका निधन हो गया था।
जानकी रामचंद्रन: बनीं राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री
जानकी रामचंद्रन एमजीआर की पत्नी और अभिनेत्री थीं। एमजीआर के निधन के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद संभाला। हालांकि उनका कार्यकाल केवल 24 दिनों का रहा, लेकिन वे तमिलनाडु की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं और राजनीतिक इतिहास में अपनी अलग पहचान छोड़ गईं।
करुणानिधि: फिल्मों की पटकथा से राजनीति के शिखर तक
एम करुणानिधि भले ही अभिनेता नहीं थे, लेकिन उनका फिल्म इंडस्ट्री से गहरा संबंध रहा। उन्होंने तमिल फिल्म ‘राजकुमारी’ की कहानी लिखी थी। साल 1957 में राजनीति में सक्रिय हुए करुणानिधि पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने। उन्हें तमिलनाडु के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है।
अब थलपति विजय पर नजरें
साउथ फिल्मों के बड़े स्टार थलपति विजय ने भी राजनीति में एंट्री कर दी है। ऐसे में अब तमिलनाडु की राजनीति में यह चर्चा तेज है कि क्या विजय भी भविष्य में एमजीआर और जयललिता की तरह सत्ता तक पहुंच पाएंगे।