उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में गुरुवार को आरपीएफ की महानिदेशक उज्जैन पहुंचीं, जहां उन्होंने शहर सहित आसपास के रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया।
सिंहस्थ मेले के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए पांच हजार से अधिक जवानों की तैनाती की जाएगी। श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जाएगी, वहीं एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे, जहां यात्रियों को रोका जाएगा और ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर आने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।
शुक्रवार को डीजी ने एडीजी राकेश गुप्ता और रेलवे अधिकारियों के साथ उज्जैन, चिंतामन, मोहनपुरा, नईखेड़ी, पंवासा, पिंगलेश्वर और विक्रम नगर रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यात्रियों की सुविधाओं, भीड़ प्रबंधन, ट्रेनों के संचालन और होल्डिंग एरिया की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
स्टेशन पर एंट्री और निकासी व्यवस्था पर रहेगा विशेष फोकस
मीडिया से चर्चा में डीजी मिश्रा ने बताया कि सिंहस्थ-2028 में आरपीएफ के साथ जीआरपी, जिला पुलिस और आर्म्ड फोर्स संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगी। यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही और प्लेटफॉर्म तक व्यवस्थित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विशेष योजना बनाई जा रही है।होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी, बैठने की व्यवस्था, खानपान स्टॉल, शौचालय और बिजली जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
प्रयागराज की तर्ज पर होगी सुरक्षा व्यवस्था
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार सिंहस्थ में करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। प्रयागराज कुंभ में 5500 जवान तैनात किए गए थे, उसी मॉडल को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में भी सुरक्षा बलों की संख्या तय की जा रही है।
होल्डिंग एरिया और प्लेटफॉर्म पर एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे और पीटीजेड कैमरे लगाए जाएंगे। ड्यूटी पर तैनात जवानों को बॉडी वॉर्न कैमरे भी दिए जाएंगे। इसके अलावा भीड़ नियंत्रण और निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों से लगातार सर्वे किया जाएगा।
आरपीएफ कंट्रोल रूम में जीआरपी, जिला पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी संयुक्त रूप से मौजूद रहेंगे, ताकि सभी एजेंसियों के समन्वय से भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी ढंग से संचालित की जा सके।