भोपाल! मध्यप्रदेश में एक ओर भारतीय जनता पार्टी ‘डिजिटल बूथ’ और ‘सोशल मीडिया वॉरियर्स’ के जरिए संगठन को हाईटेक बनाने का दावा कर रही है, वहीं जमीनी संगठन की कमान संभाल रहे कई जिलाध्यक्ष डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बेहद कमजोर नजर आ रहे हैं। हालात यह हैं कि प्रदेश के 23 जिला भाजपा अध्यक्षों के X अकाउंट पर 50 से भी कम फॉलोअर्स हैं।
डिजिटल दावों की हकीकत
बीजेपी लगातार सोशल मीडिया को चुनावी रणनीति का मजबूत हथियार बता रही है। पार्टी स्तर पर डिजिटल ट्रेनिंग, आईटी सेल और वॉरियर्स की बात हो रही है, लेकिन जिला स्तर पर नेतृत्व इस दौड़ में पिछड़ा हुआ दिख रहा है। कई जिलाध्यक्ष न तो नियमित पोस्ट कर रहे हैं और न ही जनता से डिजिटल संवाद बना पा रहे हैं।
तोमर–शिवराज के प्रभाव वाले जिलों में भी खराब स्थिति
चौंकाने वाली बात यह है कि नरेंद्र सिंह तोमर और शिवराज सिंह चौहान के प्रभाव वाले जिलों में भी जिलाध्यक्षों की सोशल मीडिया मौजूदगी कमजोर है। इन जिलों में भी X पर फॉलोअर्स की संख्या बेहद सीमित पाई गई है, जो संगठनात्मक सक्रियता पर सवाल खड़े करती है।
X पर निष्क्रिय, फेसबुक पर थोड़ा बेहतर हाल
जहां X पर कई जिलाध्यक्ष लगभग निष्क्रिय हैं, वहीं फेसबुक पर कुछ नेताओं की मौजूदगी अपेक्षाकृत बेहतर है।
धार जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष निलेश फेसबुक फॉलोअर्स के मामले में प्रदेश में टॉप पर बताए जा रहे हैं। हालांकि, यह बढ़त भी पूरे संगठन की डिजिटल ताकत को दर्शाने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही।
चुनावी साल में चिंता बढ़ी
राज्य में आगामी चुनावी तैयारियों के बीच जिलाध्यक्षों की डिजिटल कमजोरी पार्टी के लिए चिंता का विषय बन सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आज के दौर में सोशल मीडिया केवल प्रचार का नहीं, बल्कि जनसंवाद और संगठन विस्तार का अहम माध्यम है।
संगठन में मंथन की जरूरत
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कमजोर उपस्थिति यह संकेत देती है कि पार्टी को जिला स्तर पर नेतृत्व की डिजिटल जवाबदेही, ट्रेनिंग और मॉनिटरिंग को और मजबूत करना होगा। वरना ‘डिजिटल बूथ’ का दावा केवल कागज़ों तक सीमित रह सकता है।