छत्तीसगढ़ के उत्तर क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से छाए बादलों और रुक-रुक कर हो रही बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत दिलाई है। सरगुजा संभाग के कई इलाकों में बुधवार को भी मौसम सुहावना बना रहा और अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शनिवार के बाद फिर बढ़ सकती है गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से धीरे-धीरे बादल छंटने लगेंगे और आने वाले दिनों में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। विभाग का अनुमान है कि शनिवार के बाद अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान में वृद्धि दर्ज की जाएगी, जिससे गर्मी और उमस का असर फिर बढ़ सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक उत्तर छत्तीसगढ़ में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसम प्रणालियों के कारण लगातार बादल छाए हुए हैं। इसी के चलते सरगुजा, बलरामपुर और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है।
मई के पहले सप्ताह में सामान्य तौर पर तेज गर्मी और लू का असर रहता है, लेकिन इस बार लगातार बादलों के कारण दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है।
रामानुजगंज समेत बलरामपुर जिले के कई इलाकों में बुधवार को हल्की बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते कन्हर नदी पर बना एनीकट पूरी तरह भर गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार एक सप्ताह पहले तक एनीकट सूखा पड़ा था, लेकिन अब पानी भरने से गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान भी इस बारिश को खेती के लिए लाभकारी मान रहे हैं।
अंबिकापुर में तापमान सामान्य से 6 डिग्री कम
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में अंबिकापुर में बारिश दर्ज नहीं हुई, लेकिन लगातार बादलों के कारण तापमान में गिरावट बनी रही। यहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से लगभग 6 डिग्री कम है।वहीं न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मई के पहले सप्ताह में यह अब तक का सबसे कम औसत तापमान माना जा रहा है।