मध्य प्रदेश में NEET परीक्षा के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए खुफिया विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इस बार पहली बार परीक्षा के दौरान 38 साइबर कमांडो सक्रिय रहेंगे, जो सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी रखेंगे।
DGP ने की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा
प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को परीक्षा के दौरान और उसके बाद उत्तर पुस्तिकाओं व अन्य परीक्षा सामग्री की सुरक्षित वापसी तक सतर्क रहने के निर्देश दिए।
पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस की नीति
DGP ने स्पष्ट कहा कि परीक्षा सुरक्षा में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने पेपर लीक की संभावनाओं को पूरी तरह खत्म करने के लिए "जीरो टॉलरेंस" नीति अपनाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी पुलिस अधीक्षकों को 20 जून तक परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का आकलन करने को कहा गया है।
होटल, लॉज और कोचिंग संस्थानों पर भी नजर
परीक्षा से पहले संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए होटल, लॉज, कोचिंग संस्थानों और अन्य संबंधित स्थानों की जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस विभाग परीक्षा से 72 घंटे पहले विशेष अलर्ट मोड पर आ जाएगा।
सोशल मीडिया की होगी कड़ी निगरानी
साइबर कमांडो फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप समेत विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर संदिग्ध गतिविधियों और संभावित पेपर लीक से जुड़ी सूचनाओं की निगरानी करेंगे। गौरतलब है कि केंद्र सरकार पहले ही टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला कर चुकी है।
283 केंद्रों पर परीक्षा देंगे 1.18 लाख अभ्यर्थी
मध्य प्रदेश में NEET परीक्षा के लिए कुल 283 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 1 लाख 18 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में सबसे अधिक परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं।
निष्पक्ष परीक्षा पर प्रशासन का फोकस
प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं, ताकि अभ्यर्थी बिना किसी चिंता के परीक्षा में शामिल हो सकें।