मध्य प्रदेश का पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) वन्यजीव पर्यटन के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। शानदार बाघ साइटिंग, केन नदी का मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य और बेहतर पर्यटन प्रबंधन के चलते वर्ष 2025-26 में रिजर्व ने आय और पर्यटन दोनों के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। प्रबंधन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस पर्यटन सत्र में 2,63,250 देशी-विदेशी पर्यटकों ने पन्ना टाइगर रिजर्व का भ्रमण किया, जिससे केवल प्रवेश टिकटों की बिक्री से ही ₹8,77,99,418 का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ। वर्तमान में रिजर्व में 100 से अधिक बाघ और शावक मौजूद हैं, जिनमें बाघिन P-151 और उसके दो शावक पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे।
हर साल बढ़ रहा पर्यटन, राजस्व में भी लगातार इजाफा
पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर वीरेंद्र पटेल ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में पर्यटकों की संख्या और आय में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2021-22 में 1.73 लाख पर्यटकों से ₹3.44 करोड़, वर्ष 2022-23 में 2.26 लाख पर्यटकों से ₹4.77 करोड़, वर्ष 2023-24 में 2.34 लाख पर्यटकों से ₹5.97 करोड़ तथा वर्ष 2024-25 में 2.75 लाख पर्यटकों से ₹6.92 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था। वहीं वर्ष 2025-26 में पर्यटकों की संख्या 2.63 लाख रहने के बावजूद टिकट दरों और बेहतर प्रबंधन के कारण आय बढ़कर ₹8.77 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
मानसून में कोर एरिया बंद, बफर क्षेत्र रहेंगे खुले
डिप्टी डायरेक्टर वीरेंद्र पटेल ने बताया कि मानसून को देखते हुए 1 जुलाई से 30 सितंबर तक पन्ना टाइगर रिजर्व का कोर एरिया पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। हालांकि इस दौरान पन्ना-अकोला बफर क्षेत्र, पांडव फॉल और रनेह फॉल पर्यटकों के लिए खुले रहेंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन में लगातार हो रही वृद्धि से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।