औद्योगिक नगरी पीथमपुर में आवासीय संपत्तियों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्रशासन बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। दुकानदारों को दी गई पांच दिन की अंतिम मोहलत समाप्त हो चुकी है, जिसके बाद अवैध रूप से संचालित दुकानों पर प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।
35 साल से चल रहे कारोबार पर संकट
प्रस्तावित कार्रवाई की जद में वे सैकड़ों दुकानें हैं, जहां पिछले करीब 35 वर्षों से छोटे व्यापारी अपना कारोबार कर रहे हैं। प्रशासन की कार्रवाई से बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका है।
सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी पर खतरा
प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने जीवनभर की जमा-पूंजी और बैंक से ऋण लेकर अपने व्यवसाय खड़े किए हैं। अब यदि दुकानें हटाई जाती हैं तो उनके सामने रोजगार और परिवार के भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी संपर्क किया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद प्रभावित परिवारों ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से कार्रवाई पर रोक लगाने और ऐसा समाधान निकालने की अपील की है, जिससे प्रशासनिक नियमों का पालन भी हो और लोगों की आजीविका भी प्रभावित न हो।
प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजर
मोहलत समाप्त होने के बाद अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। यदि प्रशासन कार्रवाई करता है तो पीथमपुर में बड़ी संख्या में व्यावसायिक प्रतिष्ठान प्रभावित हो सकते हैं।