केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मंगलवार को दिल्ली सरकार के 70 लाख पौधे लगाने के महत्वाकांक्षी अभियान का शुभारंभ करेंगे। राजधानी में पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किए जा रहे इस अभियान के तहत नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) 34 स्थानों पर मेगा वृक्षारोपण अभियान चलाएगी।
70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
दिल्ली सरकार ने इस वर्ष राजधानी में 70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। अभियान का उद्देश्य हरित क्षेत्र का विस्तार करना, प्रदूषण कम करना और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ना है। इस अभियान की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे।
एनडीएमसी लगाएगी 600 पेड़ और 50 हजार झाड़ियां
एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल के अनुसार, विशेष अभियान के तहत परिषद 600 पेड़ और 50,000 झाड़ियां लगाएगी। इसके लिए 50 हजार से अधिक रोपण गड्ढे पहले ही तैयार किए जा चुके हैं।
अभियान में पीपल, नीम, जामुन, इमली, चंपा, अशोक, गुलमोहर और अमलतास जैसे देशी एवं पर्यावरण के अनुकूल वृक्ष लगाए जाएंगे।
जैव विविधता बढ़ाने पर रहेगा फोकस
हरित क्षेत्रों की जैव विविधता को बढ़ाने के लिए हैमेलिया, जस्टिसिया, कैना, लिली और मुर्रेया जैसी सजावटी एवं देशी प्रजातियों की झाड़ियां भी लगाई जाएंगी। अभियान में एनडीएमसी के अधिकारी, कर्मचारी और परिषद के सदस्य विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण करेंगे।
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान रहेगा जारी
कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि पौधरोपण एनडीएमसी के लिए केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं बल्कि सतत अभियान है। उन्होंने कहा कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत लगातार 31 रविवार तक सफलतापूर्वक वृक्षारोपण किया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय पर्वों और विशेष आयोजनों पर भी नियमित रूप से पौधे लगाए जाते हैं।
जनभागीदारी से मिल रही सफलता
एनडीएमसी के अनुसार, इस अभियान में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन (MTA), स्कूलों, संस्थानों और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही है। यही कारण है कि वृक्षारोपण अभियान जन आंदोलन का स्वरूप लेता जा रहा है।
दिल्ली के हरित आवरण में एनडीएमसी की अहम भूमिका
एनडीएमसी लगभग 1,450 एकड़ हरित क्षेत्र का रखरखाव करती है। इसके अंतर्गत छह प्रमुख पार्क, 122 कॉलोनी पार्क, 981 सीपीडब्ल्यूडी पार्क, 52 स्कूल ग्रीन एरिया, 51 गोलचक्कर, 14 मार्केट गार्डन और करीब 15 हजार सड़क किनारे लगाए गए पौधे शामिल हैं। राजधानी के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 3% हिस्सा होने के बावजूद एनडीएमसी दिल्ली के हरित आवरण में करीब 55% का योगदान देती है।