नई दिल्ली. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी 12 सितंबर को इंदौर पहुंचकर ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान उनका मुख्य फोकस युवाओं और खासतौर पर जेन-जी के साथ सीधे संवाद पर रहेगा। कार्यक्रम के जरिए मध्य प्रदेश के युवाओं से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश की जाएगी। बताया जा रहा है कि यह आयोजन पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में आयोजित की जा चुकी ‘छात्रों की गूंज’ श्रृंखला की अगली कड़ी होगा। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस संगठन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं और आयोजन स्थल से लेकर कार्यक्रम के प्रारूप तक पर चर्चा जारी है।
संगीत प्रस्तुति से होगी शुरुआत
इंदौर में प्रस्तावित इस कार्यक्रम की शुरुआत संगीत प्रस्तुति के साथ होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद राहुल गांधी मध्य प्रदेश और देश के युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे। आयोजन का उद्देश्य केवल राजनीतिक भाषण तक सीमित रहने के बजाय युवाओं के साथ संवाद स्थापित करना बताया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, रोजगार, अवसर, तकनीक और युवाओं से जुड़े अन्य विषयों को प्रमुखता मिल सकती है। कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम को युवाओं की आवाज और उनके सवालों को सामने लाने वाले मंच के रूप में तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
युवाओं को सीधे सवाल पूछने का मिलेगा मौका
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा राहुल गांधी और युवाओं के बीच प्रस्तावित सीधा सवाल-जवाब सत्र होगा। इसमें युवाओं को अपनी चिंताएं, सवाल और विचार सीधे राहुल गांधी के सामने रखने का अवसर मिलेगा। इस प्रारूप के जरिए आयोजन को पारंपरिक राजनीतिक सभा से अलग रखने की कोशिश की जा रही है। खासतौर पर जेन-जी को ध्यान में रखते हुए संवाद का स्वरूप अधिक प्रत्यक्ष और सहभागी रखा जाएगा। इससे यह भी उम्मीद की जा रही है कि स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के युवा मुद्दों पर खुलकर चर्चा होगी तथा युवाओं की प्राथमिकताओं को राजनीतिक विमर्श में जगह मिलेगी।
राहुल गांधी के सहायक ने की तैयारियों की समीक्षा
प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर शनिवार को राहुल गांधी के सहायक केवी बैजू इंदौर पहुंचे। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ बैठक कर आयोजन की तैयारियों पर चर्चा की। बैठक में कार्यक्रम के संभावित स्वरूप, आयोजन स्थल और व्यवस्थाओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया। कांग्रेस संगठन कार्यक्रम को व्यवस्थित और व्यापक बनाने की तैयारी में जुटा है। आयोजन में बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भी स्थानीय स्तर पर तैयारियां की जा सकती हैं।
बड़े गायक या संगीत समूह के आने की चर्चा
कार्यक्रम को युवाओं के लिए आकर्षक बनाने के लिहाज से किसी बड़े गायक या संगीत समूह को भी प्रस्तुति के लिए बुलाए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, कलाकार या संगीत समूह के नाम को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में फैसला दिल्ली स्तर से लिया जाएगा। इससे कार्यक्रम में राजनीतिक संवाद के साथ सांस्कृतिक और मनोरंजन का पक्ष भी जुड़ सकता है। आयोजन की शुरुआत संगीत से किए जाने की योजना इसी दिशा में देखी जा रही है, ताकि युवाओं की अधिक सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
नेहरू स्टेडियम को आरक्षित कराने की मांग
कार्यक्रम के लिए इंदौर के नेहरू स्टेडियम को संभावित स्थल के तौर पर तैयार किया जा रहा है। बैठक के बाद शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर 4 दिनों के लिए नेहरू स्टेडियम आरक्षित करने की मांग की है। इससे संकेत मिलता है कि आयोजन से पहले मंच, सुरक्षा, प्रवेश, तकनीकी व्यवस्थाओं और अन्य तैयारियों के लिए पर्याप्त समय रखा जा सकता है। हालांकि कार्यक्रम की अंतिम व्यवस्थाओं और स्थल को लेकर आधिकारिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जानी बाकी है। कांग्रेस नेताओं की सक्रियता से साफ है कि 12 सितंबर के आयोजन को लेकर संगठन इसे बड़े युवा संवाद के रूप में प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहा है।