Joshimath: उत्तराखंड के जोशीमठ (Joshimath) में भू-धंसाव के कारण क्षतिग्रस्त हुए मकानों की संख्या बढ़कर 723 पहुंच गई हैं। सुरक्षा की दृष्टि से फिलहाल अस्थाई रूप से 131 परिवारों को यहां से हटाया गया है। इस आपदा की स्थिति में जोशीमठ नगर के अंदर 344 राहत शिविर चिह्नित किए गए हैं। इन राहत शिविरों में 1425 लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है। वहीं अब बीजेपी (BJP) की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti) ने जोशीमठ पर प्रतिक्रिया दी है।
विकास और विनाश एक साथ नहीं चल सकते
उमा भारती (Uma Bharti) ने जोशीमठ (Joshimath) के हालातों पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा, "विकास और विनाश एक साथ नहीं चल सकते, जोशीमठ पर बहुत खतरे आए हैं, उसने सबको पार किया है इसलिए इसे भी पार करेगा। पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) जैसे मुख्यमंत्री के होते हुए जोशीमठ पर आए संकट के बादल हटा दिए जाएंगे।" वहीं भू-धंसाव को लेकर राज्य और केंद्र दोनों स्तर पर बैठकें भी हुई हैं।
इमारतों को गिराने की तैयारी
जोशीमठ में प्रशासन बुधवार से खतरनाक इमारतों को गिराने की तैयारी में है। लेकिन प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती है। दरअसल, आज से आने वाले 3 दिनों तक बारिश की आशंका है। अगर जोशीमठ में बारिश होती है तो मुसीबतें और बढ़ सकती है। इससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती है। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि प्रशासन बारिश से निपटने के लिए क्या रणनीति बनाता है।
जोशीमठ पहुंची
इससे पहले उमा भारती सोमवार को जोशीमठ पहुंची थीं। उन्होंने ट्विटर पर दो वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया कि, "जोशीमठ जा रही हूं रास्ते में देवप्रयाग आ गया, अलकनंदा और भागीरथी की धारा, शिव और विष्णु के मिलन की धारा है। इसलिए यह नमामि गंगे, हर हर गंगे यहां से हो गई।"
गंगा बचेगी, देश भी बचेगा
वहीं बीजेपी नेता उमा भारती (Uma Bharti) ने अगले ट्वीट में लिखा कि, "मोदी जी गंगा को बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और अभी उत्तराखंड के संत स्वरूप तथा मेरे प्यारे छोटे भाई जैसे पुष्कर धामी में तो धाम ही गूंजता है। कौन है जो गंगा को नुकसान कर सकता है।" उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने विद्युत उत्पादन के कई विकल्प बता दिए हैं, जिसमें सौर ऊर्जा प्रमुख है एवं सस्ता है। प्रधानमंत्री की बात मानिए तो गंगा बचेगी, देश भी बचेगा।"
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