राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार को शारदा यूनिवर्सिटी में “स्व आधारित भारत” विषयक एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, भारत युगों से धर्मनिरपेक्षता एवं टिकाऊ विकास के दो महत्वपूर्ण स्तंभों पर टिका हुआ है।
मोहन भागवत का बयान
RSS चीफ मोहन भागवत ने यहां शारदा यूनिवर्सिटी में “स्व आधारित भारत” विषयक एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, आज पूरा विश्व धर्मनिरपेक्षता और टिकाऊ विकास की बात कर रही है और भारत युगों-युगों से इन्ही दो महत्वपूर्ण आधारों पर टिका हुआ है।
रूढ़िवाद को बदल दीजिए
सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपने इस संबोधन में आगे कहा कि, भारत के मूल में धर्मनिरपेक्षता एवं टिकाऊ विकास है। इसी रास्ते पर आगे बढ़कर भारत विश्वगुरु बन सकता है और समय-समय पर ज़रूरत पड़ने पर विश्व को दिशा दे सकता है। उन्होंने इस दौरान यह भी कहा कि, रूढ़िवाद को बदल दीजिए, अब उसे ढोने की जरूरत नहीं है और यह काम सबको मिलकर करना पड़ेगा।
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