राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार को शारदा यूनिवर्सिटी में “स्व आधारित भारत” विषयक एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, भारत युगों से धर्मनिरपेक्षता एवं टिकाऊ विकास के दो महत्वपूर्ण स्तंभों पर टिका हुआ है।
भागवत ने कहा कि, भारत के मूल में धर्मनिरपेक्षता एवं टिकाऊ विकास है। इसी रास्ते पर आगे बढ़कर भारत विश्वगुरु बन सकता है