पंजाब-हरियाणा के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर बैठे किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को अन्य किसान संगठन दिल्ली कूच करने वाले हैं। रेलवे और मेट्रो स्टेशनों और बस अड्डों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अपनी कई मांगों को लेकर किसान लंबे समय से पंजाब-हरियाणा से लगे शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डटे हैं। वहीं, आज के मार्च को लेकर किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा है कि आज 12 बजे से 4 बजे तक देशभर में आपको एक बड़ा आंदोलन देखने को मिलेगा।
पुलिस मार्च को लेकर पूरी तरह से मुस्तैद
आज बड़ी संख्या में किसानों के दिल्ली पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। इस बात का ख्याल रखते हुए दिल्ली पुलिस ने मंगलवार (5 मार्च) को कहा कि उन्होंने राजधानी के रेलवे स्टेशनों और इंटरस्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। आने-जाने वाले हर शख्स की निगरानी की जा रही है। पुलिस मार्च को लेकर पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रही है।
गाजीपुर बॉर्डर पर भी सुरक्षा बढ़ा दी
किसान प्रदर्शन का नेतृत्व दो किसान संगठन 'किसान मजदूर मोर्चा' (केएमएम) और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) कर रहे हैं। दोनों संगठनों ने 3 मार्च को देशभर के किसानों से अपील की है कि वो बुधवार (6 मार्च) को बड़ी संख्या दिल्ली पहुंचें। दिल्ली आने के लिए वे ट्रेन और बसों का सहारा लें। प्रस्तावित प्रदर्शन की वजह से दिल्ली पुलिस ने टिकरी, सिंघु और गाजीपुर बॉर्डर पर भी सुरक्षा बढ़ा दी है।
दिल्ली में धारा 144 लगा दी गई
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली में धारा 144 लगा दी गई है हरियाणा पुलिस भी बॉर्डर पर मुस्तैदी से तैनात है। इस आंदोलन के दौरान किसानों और सरकार के बीच चार दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन समाधान नहीं निकल सका है।
10 मार्च को किसानों का ‘रेल रोको’ आंदोलन
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने दूसरे राज्यों के किसानों को कहा है कि वो पैदल, ट्रेन या फिर बस से दिल्ली कूच करें। इसके अलावा शंभू बॉर्डर और खनौरी बॉर्डर पर बैठे किसान वहीं बैठ कर अपना आंदोलन चलाएंगे। 10 मार्च को हम पूरे भारत में 12 से चार बजे तक रेल चक्का जाम करने का ऐलान किया गया है। वहीं, जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि पुरे भारत में बैठे किसानों को यह लड़ाई जीतनी होगी। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार किसानों से मीटिंग कर चर्चा कर रही है दूसरी तरफ बॉर्डर पर बैठे किसानों पर अत्याचार कर रही है।
क्या है किसानों की मांग?
किसानों की सरकार से कई मांगे हैं, जिनमें सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), किसानों की कर्जमाफी और नवंबर 2020-दिसंबर 2021 तक चले किसान प्रदर्शन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों के लिए नौकरी शामिल हैं। इसके अलावा लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए किसानों को न्याय दिलवाना और किसान प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज हुए केस को रद्द किया जाना भी किसानों की मांग है।
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