बिहार - बिहार के शिक्षामंत्री प्रो. चंद्रशेखर रामचरित मानस (Ramcharitmanas) को लेकर दिए अपने बयान पर कायम है। उन्होंने एक बार फिर अपने बयान को दोहराते हुए कहा कि, मैंने कुछ गलत नहीं बोला। रामचरित मानस (Ramcharitmanas) पर अपनी बात को रखते हुए उन्होंने भीमराव अंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि, अमेरिका ने जिस व्यक्ति को ज्ञान का प्रतीक कहा, उन भीमराव अंबेडकर ने मनुस्मृति क्यों जलाई? हम उस राम के भक्त हैं जो शबरी के झूठे बेर खाते हैं उसके नहीं जो शंबाकू का वध करे।
चंद्रशेखर के बयान पर बीजेपी का पलटवार
चंद्रशेखर ने रामचरित मानस पर विवादित बयान दिया था। अब वो इस बयान के बाद गहरे विवाद में फसते जा रहे है। सभी राजनीतिक पार्टियां उन पर जमकर निशाना साध रही है। बीजेपी प्रवक्ता पूनावाला ने उन पर निशाना साधते हुए कहा कि, बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा कि, रामचरित मानस नफरत फैलाने वाला ग्रंथ है। कुछ दिन पहले जगदानंद सिंह ने भी राम जन्मभूमि को नफरत की जमीन बताया था। उन्होंने कहा कि, यह संयोग नहीं, वोट बैंक का उद्योग है। हिंदू आस्था पर करो चोट, ताकि मिले वोट।
चंद्रशेखर जीभ काटने वाले को 10 करोड़ रु देने का ऐलान
चंद्रशेखर के बयान पर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि, मैं बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की जीभ काटने वाले को 10 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा करता हूं। उन्होंने कहा, इस तरह के बयान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रामचरितमानस जोड़ने वाला ग्रंथ है, तोड़ने वाला नहीं। जगद्गुरु परमहंस ने आगे कहा कि, बिहार के शिक्षा मंत्री ने जिस तरह से रामचरितमानस को नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बताया है, उससे पूरा देश आहत है। यह सभी सनातनियों का अपमान है और मैं इस बयान पर कानूनी कार्रवाई की मांग करता हूं कि उन्हें एक सप्ताह के अंदर मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया जाए।
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