गंगटोक: सिक्किम में बादल फटने के बाद तीस्ता नदी (Sikkim Flood) में अचानक आई बाढ़ के बाद मौतों का सिलसिला जारी है। आलम ये है कि अभी भी कीचड़ और मलबे से शव बाहर निकाले जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, सिक्किम बाढ़ में अब तक 56 शव बरामद किए गए हैं जबकि पिछले तीन दिन से लापता बताए गए 62 लोग जीवित मिले हैं। सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए) ने शनिवार शाम को कहा कि लापता लोगों की संख्या घटकर अब 81 हो गई है, जिनके लिए तलाश अभियान जोरों पर है।
सिक्किम में अब तक 56 शव बरामद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिक्किम बाढ़ में अब तक 56 शव बरामद किए गए हैं। इनमें पश्चिम बंगाल में तीस्ता नदी के बेसिन से 30 से ज्यादा शव बरामद हुए हैं। सेना के 22 जवान लापता हुए थे, इनमें 7 शव बरामद कर लिए गए हैं। वहीं एसएसडीएमए ने कहा कि बुधवार तड़के बादल फटने से अचानक आई बाढ़ के चलते राज्य के चार जिलों में 41,870 लोग प्रभावित हुए हैं, मंगन जिले को आपदा का सबसे ज्यादा खामियाजा भुगतना पड़ा, जहां लगभग 30,300 लोग आपदा की चपेट में आ गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इस दिन सेना के जो 39 वाहन लापता हो गए थे, उनमें से 15 अब तक कई फुट गहरे कीचड़ से बरामद कर लिये गए।
अचानक बाढ़ आने से फंसे थे 3 हजार से ज्यादा लोग
पीटीआई एजेंसी के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि सिक्किम (Sikkim Flood) के मंगन जिले के लाचेन और लाचुंग में अचानक आई बाढ़ के बाद फंसे 3,000 से अधिक पर्यटक सुरक्षित हैं। भारतीय वायुसेना ने एमआई-17 हेलीकॉप्टरों द्वारा बचाव और राहत अभियान चलाने के कई प्रयास किए लेकिन खराब मौसम के कारण बागडोगरा के साथ-साथ चाटेन से भी उड़ान नहीं भरा जा सका। स्थानीय प्रशासन के साथ सेना फंसे हुए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भोजन, चिकित्सा सहायता और उपग्रह टर्मिनलों के माध्यम से टेलीफोन कनेक्टिविटी प्रदान करके सहायता प्रदान कर रही है।
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