बसपा सुप्रीमो Mayawati ने अपने 67वें जनमदिवस के मौके पर प्रेस वार्ता में बताया कि बसपा आगामी चुनावों में किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। साथ ही मायावती ने रविवार को हाल के चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को जिम्मेदार ठहराया।
Mayawati ने कहा बरकार है बसपा का वोट शेयर
अपने 67वें जन्मदिन के अवसर पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की और उन्हें जन्मदिन की बधाई देने वालों का शुक्रिया अदा किया। बसपा के घटते वोट शेयर और सीटों की संख्या के बारे में पूछे जाने पर मायावती ने कहा कि उतार-चढ़ाव राजनीति का हिस्सा होता है। उन्होंने आगे कहा कि 'बीएसपी का वोट बेस बरकरार है लेकिन चुनावों में कभी-कभी ओबीसी, अल्पसंख्यक और उच्च जाति जैसे अन्य वर्ग अन्य दलों द्वारा किए गए वादों से गुमराह हो जाते हैं-जिससे चुनावों में पार्टी को नुकसान होता है।”
अपनी प्रेस वार्ता में मयावती ने ईवीएम को पार्टी की हार का जिम्मेदार ठहराया। ईवीएम पर संदेह व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि, “मुझे लगता है कि निश्चित रूप से ईवीएम में कुछ गड़बड़ है। चुनाव आयोग और केंद्र को बैलेट पेपर पर चुनाव कराना चाहिए। जिससे यह साफ हो जाएगा कि कितने वोटर उनके साथ हैं और कितने हमारे साथ हैं।”
बसपा अकेले लड़ेगी चुनाव
मायावती ने कहा कि बसपा चुनाव जीतने के लिए पैसे का दुरुपयोग नहीं करती है और उनके नेतृत्व के प्रयासों से समाज के सभी वर्ग के लोग पार्टी में शामिल होते है।
मयावती ने कहा कि बसपा आगामी चुनावों में अकेलें चुनाव लड़ेगी, उन्होंने कहा कि "बसपा आगामी चुनावों में किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी, हम अपने दम पर चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस और कुछ अन्य पार्टियां हमारे साथ गठबंधन करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन हमारी विचारधारा अन्य पार्टियों से अलग है। उन्होंने आगे कहा कि "बसपा ने राज्य में चार बार सरकार बनाई है और पार्टी ने गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जनता के लिए काम किया है। सभी विपक्षी दल आंतरिक साठगांठ करके बसपा के खिलाफ आ गए हैं।”
मायावती ने इस मैके पर अपनी किताब "मेरे संघर्षमय जीवन और बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा।" का विमोचन भी किया। बता दें कि मायावती बीते 18 वर्ष से अपने हर जन्मदिन पर किताब का संस्करण निकालती है।
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