Uttarkashi: उत्तराखंड (Uttarakhand) में उत्तरकाशी (Uttarkashi) के ऊपर रोज कोई न कोई मुसीबत आ रही है। उत्तरकाशी में आज रात 2.12 बजे भूकंप (earthquake) के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.9 मापी गई। वहीं भूकंप का केंद्र 240 किमी दूर था। हालांकि झटका ज्यादा तीव्र नहीं था लेकिन डर है कि जोशीमठ की धंसती जमीन को यह झटके कहीं और अधिक नुकसान न पहुंचा दें।
जोशीमठ में बिगड़ते हालात
जोशीमठ (Joshimath) में जमीन पहले से ही धंस रही है। भूधंसाव के चलते 760 घर ऐसे चिह्नित किए गए हैं जिनमें आंशिक या गंभीर दरार आ चुकी है। इनमें कई भवन तो गंभीर स्थिति में है जिसके चलते उन्हें तोड़ा जाना है। ऐसे में भूकंप के झटके लगने के बाद से ये डर बना हुआ है कि कहीं पहले से ही कमजोर इन घरों को ये और नुकसान न पहुंचा दें।
19 दिसंबर को आया था भूकंप
इससे पहले 19 दिसंबर को उत्तराखंड ((Uttarakhand) के उत्तरकाशी (Uttarkashi) में रविवार और सोमवार की आधी रात को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। जानकारी के अनुसार रात करीब 1:50 पर भूकंप आया था। रिक्टर स्केल पर जिसकी तीव्रता 3.1 मारपी गई थी।
राहत राशि देने का ऐलान
जोशीमठ (Joshimath) में प्रभावित परिवारों के लिए डेढ़ लाख रुपये की अंतरिम राहत राशि देने का ऐलान किया गया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने कहा है कि बाद में मुआयना करके बाजार की दर से मुआवजा दिया जाएगा। 12 जनवरी को 2 होटलों को गिराने का काम शुरू हुआ था लेकिन बारिश के चलते इसे बीच में ही रोकना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम की वजह से SDRF की टीम ने जोशीमठ (Joshimath)स्थित मलारी इन होटल को तोड़ने का काम रोक दिया। वहीं इसके पहले स्थानीय लोगों के विरोध के चलते ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोकनी पड़ी थी।
भूकंप की वजह
भूकंप के आने का मुख्य कारण धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के अंदर 7 प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेट्स किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप महसूस होता है।
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