मुंबई, महाविकास अघाड़ी में टिकट बंटवारे पर मतभेद सामने आने लगे है। सूत्रों के अनुसार, अघाड़ी में 288 सीटों में 260 सीटों पर सहमति बन गई है, बाकी के 28 सीटों पर गठबंधन सहयोगियों में खींचतान हो रही है। उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस से विदर्भ में पांच सीटें मांगी है। करीब 9 घंटे की मैराथन बैठक में सीटों पर फैसला नहीं होने पर शिवसेना (यूबीटी) ने नाराजगी जाहिर की है।
क्या है विदर्भ का पेंच, जिसे नहीं सुलझा रही है कांग्रेस
महाराष्ट्र के विदर्भ रीजन में विधानसभा की कुल 62 सीटें हैं। पिछले चुनाव में पुरानी शिवसेना और बीजेपी गठबंधन ने इस इलाके से 27 सीटें जीती थीं। बीजेपी को 15 और शिवसेना को 12 सीट पर कामयाबी मिली थी। कांग्रेस को अकेले 29 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को पांच सीटें मिली थी। अजित पवार के बगावत के बाद भी विदर्भ के विधायक शरद पवार के साथ बने रहे। शिवसेना में विद्रोह के बाद चार विधायक एकनाथ शिंदे के साथ चले गए और 8 उद्धव ठाकरे के साथ बने रहे। अब पेंच पुराने नतीजों पर फंसा है। उद्धव ठाकरे का दावा है कि बंटवारे के फॉर्मूले के मुताबिक 2019 में जीती गईं 12 सीटें शिवसेना को मिलनी चाहिए, मगर कांग्रेस इस पर राजी नहीं है।
मुंबई की सीटों पर भी मचा है घमासान
बंटवारे में फंसी 20-25 सीटों में मुंबई की विधानसभा सीट भी शामिल है। शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने कहा कि मुंबई शिवसेना का गढ़ है, इसलिए हमें ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए। पिछले चुनाव में बीजेपी शिवसेना गठबंधन ने मुंबई की 36 विधानसभा सीटों में से 31 सीटों पर कब्जा किया था।
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