उत्तारायण, एक ऐसा पर्व जो गुजरात की संस्कृति और परंपरा का अहम हिस्सा है, हर साल पूरे जोश और उमंग के साथ मनाया जाता है। यह त्यौहार विशेष रूप से अहमदाबाद में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव के लिए प्रसिद्ध है, जहां आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों का जलवा देखने को मिलता है। 2025 में इस महोत्सव का आयोजन और भी बड़े पैमाने पर किया जाएगा, जिसमें 47 देशों से 147 अंतर्राष्ट्रीय पतंगबाज हिस्सा लेंगे और लगभग 6 लाख लोग इसे देखने और आनंद लेने के लिए एकत्र होंगे।
उत्तारायण का महत्व
उत्तारायण का पर्व मकर संक्रांति के समय मनाया जाता है, जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। इसे उत्तरायण का नाम इसलिए दिया गया है, क्योंकि इस दिन से सूर्य का उत्तर दिशा की ओर गति करना शुरू होता है। इस दिन को खासतौर पर गुजरात और राजस्थान में धूमधाम से मनाया जाता है, जहां लोग पतंगबाजी का आनंद लेते हैं, खासकर अहमदाबाद में। यह त्यौहार सिर्फ एक मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि एक खुशी और नई शुरुआत का प्रतीक भी है। लोग इस दिन तिल गुड़ का सेवन करते हैं, पकवान बनाते हैं और परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताते हैं। साथ ही, अहमदाबाद में इस दिन पतंग महोत्सव का आयोजन किया जाता है, जो कि एक वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध हो चुका है।
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