इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन परियोजना अब पूरी तरह से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की सीधी निगरानी में आ गई है, जिससे इसके कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। इस परियोजना के तहत इंदौर जिले में भूमि अधिग्रहण के आदेश जारी हो चुके हैं। सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि इस परियोजना के तहत कुल 13 जिलों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। महू के गांवों के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को गति देने हेतु अधिकारी की नियुक्ति का नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिससे यह प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके। सरकार ने सितंबर में इस प्रोजेक्ट के लिए 18,036 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी। इस नई रेल लाइन से यात्री सुविधाओं में सुधार होगा और औद्योगिक क्षेत्रों को मजबूत कनेक्टिविटी मिलेगी।
बजट भी जारी
इंदौर-मनमाड़ रेल प्रोजेक्ट की योजना पर पिछले कई वर्षों से काम चल रहा है। 2022 में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं मिल सकी थी, लेकिन 2023 में इसे 2 करोड़ रुपये की टोकन राशि जारी की गई। मध्य प्रदेश के हिस्से में डीपीआर और सर्वे का काम पूरा किया गया। 2024 के बजट में भी इस प्रोजेक्ट के लिए 1 हजार रुपये की टोकन राशि दी गई थी, लेकिन अब इसे 18,036 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल गई है। यह राशि आगामी बजट में उपलब्ध कराई जाएगी।
30 लाख लोगों को होगा फायदा
309 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन इंदौर से महाराष्ट्र के मनमाड तक बिछाई जाएगी, जिससे करीब 30 लाख की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। रेलवे ने भूमि स्वामियों को उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर 16 जोड़ी यात्री ट्रेनों का संचालन किया जाएगा, और शुरुआती वर्षों में अनुमानित 50 लाख यात्री इस सुविधा का लाभ उठाएंगे।
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