मणिपुर में एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद अब राष्ट्रपति शासन लग गया है। खास बात है कि बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में नए मुख्यमंत्री का नाम सामने नहीं आया था। ऐसे में राज्य में राष्ट्रपति शासन की अटकलें लग रही थीं। राज्य में मई 2023 से अब तक दो समुदायों मैतेई और कुकी समुदाय के बीच टकराव के बाद भयंकर हिंसा हुई है। इस हिंसा में 250 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। माना जा रहा है कि बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद बीजेपी विधायक दल में नए सीएम के नाम पर सहमति नहीं बन पाई।
अविश्वास प्रस्ताव लाने की थी तैयारी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसारबीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद बीजेपी मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार चुनने में 'विफल' रही। बीरेन सिंह ने 4 दिन पहले ही अपने पद से इस्तीफा दिया था। खबर थी कि बीजेपी विधायक कांग्रेस की तरफ से राज्य विधानसभा में लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन कर सकते हैं। उसी दिन बीजेपी के पूर्वोत्तर प्रभारी संबित पात्रा और राज्य पार्टी अध्यक्ष ए शारदा देवी ने मुख्यमंत्री पद से बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद नेतृत्व संकट के बीच इंफाल में राजभवन में मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की थी।
बीरेन सिंह विधायकों के बीच समर्थन खो रहे थे?
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार बीरेन सिंह भाजपा विधायकों के बीच समर्थन खो रहे थे। इनमें से कई ने अपनी चिंताओं को व्यक्त करने के लिए दिल्ली में पार्टी नेताओं से मुलाकात की थी।
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