चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दुबई के लिए रवाना होने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-197 सोमवार शाम निर्धारित समय पर उड़ान भरने की तैयारी कर रही थी। सभी 172 यात्री अपनी-अपनी सीटों पर बैठ चुके थे और टेकऑफ़ प्रक्रिया शुरू होने ही वाली थी कि अचानक कॉकपिट में मौजूद तकनीकी प्रणाली ने असामान्य संकेत प्रदर्शित किए। इस स्थिति ने पायलट का ध्यान तुरंत आकर्षित किया और उन्होंने सुरक्षा मानकों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए उड़ान की प्रक्रिया रोक दी।
पायलट की सतर्कता से टला बड़ा जोखिम
एविएशन विशेषज्ञों की मानें तो उड़ान से पहले किसी भी तकनीकी असमान्यता को गंभीरता से लेना अनिवार्य होता है। पायलट द्वारा समय रहते तकनीकी त्रुटि को पहचान लेना और तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इसकी सूचना देना एयरोस्पेस सुरक्षा का बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। पायलट के तत्पर निर्णय के चलते विमान को रनवे की ओर बढ़ने से पहले ही रोक दिया गया और एहतियात के तौर पर वापस पार्किंग बे पर लाया गया, जिससे संभावित जोखिम पूरी तरह टल गया।
यात्रियों को मिला सुरक्षित इंतज़ार, पर बढ़ी परेशानी
हालांकि विमान की सुरक्षा सर्वोपरि थी, पर लंबा इंतज़ार यात्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। विस्तृत सुरक्षा जांच के दौरान यात्रियों को विमान में ही बैठाए रखा गया, जिससे कई लोग असुविधा महसूस करते रहे। इसके बावजूद एयरलाइन स्टाफ द्वारा स्थिति को शांतिपूर्वक संभालने और नियमित अपडेट देने से स्थिति नियंत्रित बनी रही। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी भी जोखिम से बचते हुए हर प्रोटोकॉल को बारीकी से लागू किया गया।
इंजीनियरिंग टीम ने की विस्तृत तकनीकी जांच
तकनीकी संकेत मिलने के बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस की इंजीनियरिंग टीम तुरंत सक्रिय हो गई और विमान के सिस्टम की चरणबद्ध जांच शुरू की। एयरलाइन सूत्रों के मुताबिक, यह गड़बड़ी गंभीर श्रेणी की नहीं थी, लेकिन विमानन सुरक्षा मानकों के अनुसार किसी भी असामान्यता की गहन जांच अनिवार्य होती है। इंजीनियरों ने प्रभावित सिस्टम की मरम्मत, परीक्षण और सभी तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद विमान को उड़ान के लिए सुरक्षित घोषित किया।
दो घंटे की देरी के बाद सुरक्षित उड़ान भर पाया विमान
तकनीकी सुधार की प्रक्रिया में सवा दो घंटे से अधिक समय लगा, जिसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल की मंजूरी मिलने पर विमान को दुबई के लिए उड़ान की अनुमति दी गई। सभी 172 यात्रियों को सुरक्षित रूप से रवाना कर दिया गया। एयरलाइन ने बयान जारी कर बताया कि सुरक्षा से समझौता किए बिना हर मानक का पालन किया गया, और यह देरी पूरी तरह सावधानी के मद्देनजर थी।
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