श्रीनगर। अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ के मद्देनज़र जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दी गई है। एहतियात के तौर पर बुधवार को जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से अमरनाथ यात्रा एक दिन के लिए स्थगित कर दी गई, जबकि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर सुरक्षा काफिलों की आवाजाही भी रोक दी गई। प्रशासन ने पूरे केंद्र शासित प्रदेश में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। अधिकारियों के अनुसार, जम्मू बेस कैंप से किसी भी नए श्रद्धालु जत्थे को पहलगाम और बालटाल मार्ग के लिए रवाना नहीं होने दिया गया। हालांकि प्रशासन ने यात्रा रोकने का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मौजूदा हालात और सुरक्षा इनपुट को देखते हुए यह फैसला एहतियाती कदम के तौर पर लिया गया है।
जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर कड़ी निगरानी
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा काफिलों की आवाजाही भी फिलहाल रोक दी गई है। यह हाईवे कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए इस मार्ग पर निगरानी बढ़ाए हुए हैं। रामबन, कुलगाम और अन्य संवेदनशील इलाकों में वाहनों की सघन जांच और पहचान-पत्रों की जांच की जा रही है।
विरोध कार्यक्रमों के बीच सुरक्षा बढ़ी
अनुच्छेद 370 हटाए जाने की वर्षगांठ पर पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस ने अलग-अलग विरोध कार्यक्रमों का ऐलान किया है। इसे देखते हुए श्रीनगर समेत कई जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। सीमावर्ती क्षेत्रों में भी सुरक्षा चौकसी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
महबूबा मुफ्ती ने किया प्रदर्शन
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार शाम श्रीनगर में समर्थकों के साथ कैंडल मार्च निकाला और कार्यकर्ताओं से जिला मुख्यालयों पर प्रस्तावित विरोध कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील की। वहीं सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि संवेदनशील तारीख को देखते हुए आतंकी गतिविधियों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी है।