कोलकाता/हावड़ा: दुर्गा पूजा के त्योहार से पहले पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों, निकाय कर्मियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी का बड़ा फैसला किया है। राज्य वित्त विभाग की ऑडिट शाखा (नबाना) ने मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को इस संबंध में एक विस्तृत अधिसूचना (No. 2834-F(P2)) जारी की, जिसके अनुसार संशोधित मूल वेतन के 38% की दर से DA और DR का भुगतान 1 अक्टूबर 2026 से लागू किया जाएगा।
इन कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा लाभ
अधिसूचना के अनुसार, इस फैसले का लाभ नियमित राज्य सरकार के कर्मचारियों के अलावा सरकारी सहायता प्राप्त और पोषित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों व गैर-शिक्षण कर्मचारियों, पंचायतों, नगर निगमों, नगर पालिकाओं, वैधानिक निकायों और राज्य के अन्य उपक्रमों के कर्मचारियों को मिलेगा। इसके साथ ही राज्य के पेंशनभोगियों और फैमिली पेंशनभोगियों को भी संशोधित बेसिक पेंशन पर 38% की दर से महंगाई राहत (DR) दी जाएगी।

DA की गणना और पुराने वेतन ढांचे में संशोधन
जारी निर्देश के तहत नए DA की गणना कर्मचारियों के संशोधित मूल वेतन (Basic Pay) और लागू होने योग्य नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) को मिलाकर 38% के आधार पर की जाएगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी का संशोधित मूल वेतन ₹50,000 है, तो उनका मासिक DA ₹19,000 होगा। वहीं, जो कर्मचारी या पेंशनभोगी अभी भी 5वें वेतन आयोग (ROPA 2009) के तहत पुराने वेतन ढांचे में हैं, उनका DA और DR 171% से बढ़ाकर सीधे 223% कर दिया गया है।
दैनिक वेतनभोगियों के भत्ते में वृद्धि और लागू करने की प्रक्रिया
मिनिमम वेजेस एक्ट के दायरे में न आने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की दैनिक मजदूरी में भी 1 अक्टूबर से ₹110 प्रति दिन की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव पी. के. मिश्रा द्वारा हस्ताक्षरित इस ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि राज्य के वैधानिक निकायों और सार्वजनिक उपक्रमों को इस अतिरिक्त खर्च का वहन अपने आंतरिक कोष से करना होगा। संबंधित प्रशासनिक विभागों को इस आदेश को लागू करने के लिए वित्त विभाग से किसी अन्य अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।