नई दिल्ली, 4 अगस्त 2026 | नेशनल डेस्क: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मंगलवार को E20 पेट्रोल के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक मार्च निकालने की तैयारी में हैं। घोषित कार्यक्रम के मुताबिक वह दोपहर 12 बजे AAP मुख्यालय से करीब 100 लोगों के साथ निकलेंगे और E20 नीति के खिलाफ देशभर के लोगों द्वारा हस्ताक्षरित याचिकाएं प्रधानमंत्री को सौंपने का प्रयास करेंगे। पार्टी ने इन याचिकाओं की संख्या दो लाख से अधिक बताई है।
हालांकि, दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने कहा है कि मार्च के लिए अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस प्रधानमंत्री आवास की ओर किसी अनधिकृत जुलूस को बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम कर रही है। ऐसे में दोपहर को AAP कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है, लेकिन खबर प्रकाशित होने तक किसी हिरासत या कार्रवाई की सूचना नहीं थी।
कब और कहां से शुरू होगा मार्च?
अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वह मंगलवार दोपहर 12 बजे आम आदमी पार्टी के मुख्यालय से प्रधानमंत्री आवास की ओर निकलेंगे। उनके साथ केवल 100 लोगों को ले जाने की योजना है।
E20 को लेकर केजरीवाल की तीन प्रमुख मांगें
केजरीवाल ने केंद्र सरकार के सामने मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं। पहली, पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को सामान्य या शुद्ध पेट्रोल और E20 में से चुनाव करने का विकल्प दिया जाए। दूसरी, E20 से संभावित माइलेज कमी को देखते हुए इसकी कीमत सामान्य पेट्रोल से कम रखी जाए। तीसरी, सरकार जिन अध्ययनों के आधार पर E20 को सुरक्षित बता रही है, उन्हें सार्वजनिक किया जाए।
केजरीवाल का कहना है कि उन्होंने जुलाई में प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर E20 से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा के लिए समय मांगा था, लेकिन उन्हें जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने हस्ताक्षर अभियान और प्रधानमंत्री आवास तक मार्च का रास्ता चुना।
दो लाख हस्ताक्षर वाली ‘याचिकाएं’ क्या हैं?
AAP ने ऑनलाइन अभियान चलाकर लोगों से E20 नीति के खिलाफ एक सार्वजनिक याचिका पर हस्ताक्षर कराए हैं। पार्टी का दावा है कि दो लाख से अधिक लोगों ने इसमें भाग लिया और अब इन्हीं हस्ताक्षरों की प्रतियां प्रधानमंत्री को दी जाएंगी।
इसे कानूनी अर्थ में जनहित याचिका यानी PIL नहीं कहा जाना चाहिए। PIL अदालत में दाखिल की जाती है, जबकि केजरीवाल जिन दस्तावेजों को लेकर जा रहे हैं, वे नागरिकों द्वारा हस्ताक्षरित सार्वजनिक याचिकाएं या ज्ञापन हैं।
दिल्ली पुलिस ने क्यों नहीं दी अनुमति?
पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री आवास की ओर प्रस्तावित जुलूस को अनुमति नहीं दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत किसी भी अनधिकृत मार्च को आगे बढ़ने से रोका जाएगा। पुलिस ने मार्च का वैकल्पिक स्थान या बदला हुआ रूट सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं किया है।
प्रधानमंत्री आवास और लोक कल्याण मार्ग उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में आते हैं। इसलिए AAP कार्यकर्ताओं को किस स्थान तक जाने दिया जाएगा, इस पर अंतिम निर्णय मौके की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस निर्देशों पर निर्भर करेगा।
केजरीवाल ने अमेरिका और ट्रंप को लेकर क्या आरोप लगाया?
केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार अमेरिका के दबाव में E20 पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है और इसके पीछे अमेरिकी एथेनॉल की खरीद बढ़ाने का उद्देश्य है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने कमजोर पड़ने का आरोप भी लगाया है। यह आम आदमी पार्टी का राजनीतिक दावा है, न कि किसी स्वतंत्र जांच से प्रमाणित निष्कर्ष।
उपलब्ध व्यापार आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के एथेनॉल आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी बढ़कर 94 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। भारत का कुल एथेनॉल आयात मूल्य फिर भी 50 करोड़ डॉलर से कम रहा। हालांकि, इन आंकड़ों से यह साबित नहीं होता कि भारत की E20 नीति अमेरिकी दबाव या ट्रंप के कहने पर लागू की गई थी।
क्या E20 नीति ट्रंप के दबाव के बाद शुरू हुई?
सार्वजनिक नीति की समयरेखा के आधार पर ऐसा दावा स्थापित नहीं होता। भारत में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम का पायलट वर्ष 2001 में शुरू हुआ था और E5 पेट्रोल 2006 में पेश किया गया। वर्ष 2021 में नीति आयोग ने E20 के चरणबद्ध क्रियान्वयन के लिए विस्तृत रोडमैप जारी कर दिया था। यह समयरेखा मौजूदा अमेरिका-भारत व्यापार विवाद और केजरीवाल के ताजा आरोपों से काफी पुरानी है।
इसलिए दो बातें अलग-अलग हैं—भारत अमेरिका से एथेनॉल आयात करता है और E20 नीति कई वर्ष पहले शुरू हो चुकी थी। अमेरिका से बढ़ता आयात अपने आप यह प्रमाणित नहीं करता कि पूरी नीति उसी के दबाव में बनाई गई।
E20 पेट्रोल क्या है?
E20 ऐसा वाहन ईंधन है जिसमें मात्रा के आधार पर करीब 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है। पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ यानी PPAC के मुताबिक नवंबर 2025 से मार्च 2026 के एथेनॉल आपूर्ति वर्ष में भारत ने औसतन 20 प्रतिशत मिश्रण का स्तर हासिल कर लिया था।
सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रण से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होती है, किसानों और डिस्टिलरी उद्योग को आय मिलती है तथा कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलती है। केंद्र ने कार्यक्रम से ₹1.97 लाख करोड़ से अधिक विदेशी मुद्रा बचत और किसानों को ₹1.66 लाख करोड़ से अधिक भुगतान होने का दावा किया है।
क्या E20 से गाड़ियों का माइलेज कम होता है?
माइलेज में कुछ कमी की संभावना को सरकारी दस्तावेज भी स्वीकार करते हैं। जुलाई 2026 में केंद्र ने कहा कि कुछ E10 के लिए डिजाइन की गई गाड़ियों में E20 इस्तेमाल करने पर ईंधन दक्षता लगभग तीन से पांच प्रतिशत तक कम हो सकती है। सरकार के अनुसार माइलेज पर ड्राइविंग शैली, रखरखाव, टायर प्रेशर और ट्रैफिक जैसी दूसरी स्थितियों का भी प्रभाव पड़ता है।
नीति आयोग की 2021 की रोडमैप रिपोर्ट में वाहन की डिजाइन और ट्यूनिंग के आधार पर अलग अनुमान दिए गए थे। E0 के लिए डिजाइन और E10 के लिए कैलिब्रेट चार पहिया वाहनों में छह से सात प्रतिशत, दोपहिया वाहनों में तीन से चार प्रतिशत और E20 के अनुरूप ट्यून किए गए चार पहिया वाहनों में एक से दो प्रतिशत तक माइलेज कमी का अनुमान लगाया गया था।
इसका अर्थ है कि सभी गाड़ियों पर प्रभाव एक जैसा नहीं होगा। वाहन की उम्र, मॉडल, इंजन कैलिब्रेशन और निर्माता की प्रमाणित ईंधन अनुकूलता महत्वपूर्ण है।
क्या E20 से इंजन खराब होने की पुष्टि हुई है?
केंद्र सरकार का कहना है कि उसे वाहन निर्माताओं, ऑटोमोबाइल संगठनों या उपभोक्ता संस्थाओं से बड़े स्तर पर इंजन खराब होने की प्रमाणित शिकायतें नहीं मिली हैं। सरकार ने ARAI, SIAM, इंडियन ऑयल, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम और वाहन कंपनियों के परीक्षणों के आधार पर E20 को निर्धारित मानकों के तहत सुरक्षित बताया है।
सरकारी जवाब में दावा किया गया कि 20 करोड़ से अधिक दोपहिया और तीन करोड़ से अधिक पेट्रोल कारें उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर चल रही हैं और व्यापक इंजन फेल होने या असामान्य क्षरण का सत्यापित प्रमाण सामने नहीं आया।
दूसरी ओर, कई वाहन मालिकों ने सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्टों में माइलेज घटने, पुराने मॉडलों की अनुकूलता और पुर्जों के लंबे समय के रखरखाव को लेकर शिकायतें की हैं। सबसे प्रमुख मांग यह है कि ऐसे उपभोक्ताओं को E20 के साथ दूसरा विकल्प भी उपलब्ध कराया जाए।
पुरानी गाड़ी वाले लोग अभी क्या करें?
उपभोक्ता अपने वाहन के फ्यूल टैंक ढक्कन, मालिक पुस्तिका या निर्माता की आधिकारिक वेबसाइट पर E20 compatibility की जानकारी देख सकते हैं। केवल सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर इंजन में बदलाव या कोई अनधिकृत additive इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
माइलेज में अचानक बड़ी गिरावट, स्टार्टिंग की समस्या या ईंधन प्रणाली से जुड़ी खराबी आने पर अधिकृत सर्विस सेंटर से लिखित जांच रिपोर्ट लेना बेहतर होगा। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि समस्या ईंधन, रखरखाव, सेंसर, इंजेक्टर या किसी दूसरे कारण से है।
BJP ने मार्च पर क्या कहा?
दिल्ली BJP अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने केजरीवाल पर जनता को भ्रमित करने तथा जानबूझकर पुलिस से टकराव की स्थिति बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रोके जाने के बाद AAP इसे राजनीतिक उत्पीड़न के रूप में पेश करने की कोशिश करेगी। मल्होत्रा ने केजरीवाल को ऐसे वाहनों के प्रमाण प्रस्तुत करने की चुनौती भी दी, जिनकी तकनीकी जांच में E20 को नुकसान का कारण बताया गया हो।
हर्ष मल्होत्रा को मई 2026 में दिल्ली BJP का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इसलिए उन्हें केवल BJP नेता के बजाय दिल्ली BJP अध्यक्ष लिखना वर्तमान पद के अनुसार सही है।
मार्च से पहले स्थिति एक नजर में
| मुद्दा | ताजा स्थिति |
|---|---|
| प्रदर्शन का विषय | E20 पेट्रोल नीति |
| मार्च का समय | आज दोपहर 12 बजे |
| प्रस्तावित शुरुआत | AAP मुख्यालय |
| प्रस्तावित गंतव्य | प्रधानमंत्री आवास |
| साथ जाने वाले लोग | करीब 100 |
| हस्ताक्षर | दो लाख से अधिक |
| AAP की मांग | सामान्य पेट्रोल का विकल्प, E20 की कम कीमत और अध्ययन सार्वजनिक करना |
| पुलिस का रुख | अनुमति नहीं, सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी |
| सरकार का पक्ष | E20 वैज्ञानिक परीक्षणों से सुरक्षित और राष्ट्रीय हित में |
| प्रमुख विवाद | माइलेज, पुराने वाहनों की अनुकूलता, मूल्य और उपभोक्ता विकल्प |
FAQ: केजरीवाल के E20 मार्च से जुड़े सवाल
अरविंद केजरीवाल का मार्च कितने बजे शुरू होगा?
घोषित कार्यक्रम के अनुसार मार्च 4 अगस्त को दोपहर 12 बजे AAP मुख्यालय से शुरू होगा।
केजरीवाल के साथ कितने लोग जाएंगे?
उन्होंने करीब 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री आवास जाने की घोषणा की है।
क्या दिल्ली पुलिस ने मार्च की अनुमति दी है?
पुलिस सूत्रों के अनुसार मार्च की अनुमति नहीं दी गई है और अनधिकृत जुलूस रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है।
केजरीवाल प्रधानमंत्री को क्या सौंपेंगे?
वह E20 नीति के विरोध में दो लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर वाली सार्वजनिक याचिकाओं की प्रतियां सौंपने का प्रयास करेंगे। ये अदालत में दाखिल PIL नहीं हैं।
AAP की प्रमुख मांग क्या है?
AAP चाहती है कि पेट्रोल पंपों पर E20 और सामान्य पेट्रोल दोनों उपलब्ध हों, E20 की कीमत घटाई जाए और इसकी सुरक्षा से संबंधित सरकारी अध्ययन सार्वजनिक किए जाएं।
क्या E20 पेट्रोल से माइलेज कम होता है?
सरकारी आकलन के अनुसार कुछ E10 डिजाइन वाली गाड़ियों में करीब तीन से पांच प्रतिशत तक कमी हो सकती है। प्रभाव वाहन की डिजाइन, उम्र और इंजन कैलिब्रेशन के अनुसार अलग होता है।