पटना। बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 18,953 वोटों के बड़े अंतर से हराकर अपनी चुनावी राजनीति की शुरुआत जीत के साथ की है।
30 जुलाई को हुए मतदान के बाद 3 अगस्त को पटना के बोरिंग रोड स्थित एएन कॉलेज में मतगणना शुरू हुई। सुबह 8 बजे शुरू हुई वोटों की गिनती में शुरुआती रुझानों से ही प्रशांत किशोर बढ़त बनाए हुए थे। जैसे-जैसे राउंड आगे बढ़े, उनकी बढ़त लगातार मजबूत होती गई और अंत तक उन्होंने अपना दबदबा कायम रखा।
पहली चुनावी परीक्षा में प्रशांत किशोर को मिली बड़ी सफलता
राजनीतिक रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर के लिए बांकीपुर उपचुनाव पहली बड़ी चुनावी परीक्षा थी। उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पार्टी जन सुराज के जरिए बिहार की राजनीति में कदम रखा था।पहले ही चुनाव में जीत हासिल कर प्रशांत किशोर ने अपनी पार्टी के लिए मजबूत शुरुआत की है। यह परिणाम जन सुराज के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
भाजपा के गढ़ में बदला राजनीतिक समीकरण
बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत किला मानी जाती रही है। इस सीट से भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन लगातार पांच बार विधायक रहे थे। उनके राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी, जिसके कारण उपचुनाव कराया गया।भाजपा के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का विषय थी, लेकिन प्रशांत किशोर ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए भाजपा के इस पारंपरिक गढ़ में सेंध लगा दी।
नीरज कुमार दूसरे स्थान पर, RJD की रेखा कुमारी तीसरे नंबर पर
उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार दूसरे स्थान पर रहे। वहीं राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की उम्मीदवार रेखा कुमारी तीसरे स्थान पर रहीं।इस चुनाव में मुख्य मुकाबला प्रशांत किशोर और भाजपा के बीच दिखाई दिया। जन सुराज को मिले समर्थन ने बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा शुरू कर दी है।
जन सुराज के लिए नई राजनीतिक जमीन तैयार
प्रशांत किशोर लंबे समय से बिहार में अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने में जुटे हुए थे। उन्होंने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जन संवाद और यात्राओं के जरिए लोगों तक पहुंच बनाने की कोशिश की।बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम उनके अभियान के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। जीत के बाद जन सुराज समर्थकों में उत्साह का माहौल है और पार्टी इसे बिहार की राजनीति में नए विकल्प के रूप में पेश कर रही है।
बिहार की राजनीति में बढ़ेगा प्रशांत किशोर का प्रभाव
प्रशांत किशोर की इस जीत के बाद बिहार की राजनीति में जन सुराज की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि विधानसभा चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन कैसा रहेगा, यह आने वाला समय बताएगा, लेकिन बांकीपुर उपचुनाव की जीत ने प्रशांत किशोर को राजनीतिक पहचान और नई ऊर्जा जरूर दी है।