लखनऊ। उत्तरप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार तड़के प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। राजधानी लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, मिर्जापुर समेत करीब 10 शहरों में सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश होती रही। लगातार हुई बारिश से कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी वर्षा का असर प्रदेश की प्रमुख नदियों पर भी दिखाई देने लगा है। गंगा, घाघरा, शारदा सहित कई नदियां उफान पर हैं, जिससे कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
लखनऊ और कानपुर में सुबह से बरसे बादल
राजधानी लखनऊ में तड़के करीब तीन बजे से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो सुबह नौ बजे तक बीच-बीच में जारी रहा। बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया, लेकिन कई इलाकों में जलभराव से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।कानपुर में भी तेज बारिश के चलते मुख्य सड़कें पानी से भर गईं। कई निचले इलाकों में पानी जमा होने से यातायात धीमा पड़ गया और सुबह कार्यालय जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वाराणसी में बारिश के बीच भी दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु
धार्मिक नगरी वाराणसी में भारी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर बारिश में भीगते हुए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। लोग छाते और रेनकोट के सहारे अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
लगातार बारिश के कारण गंगा का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। घाटों की कई सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं और घाट किनारे बने लगभग 50 से 60 छोटे मंदिरों में भी पानी भर गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार के लिए उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार गोरखपुर, सीतापुर समेत 18 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका व्यक्त की गई है।मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी किनारों पर जाने से बचने की अपील की है।
बिजनौर में बाढ़ का कहर, गांवों में नाव से हो रहा आवागमन
बिजनौर जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। गंगा का पानी छह गांवों में फैल गया है, जिससे लोगों का सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जगह सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं और लोगों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे पर पिछले पांच दिनों से गंगा का पानी बह रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बैरिकेडिंग लगाकर हाईवे के एक हिस्से को बंद कर दिया है, जिससे वाहनों का आवागमन प्रभावित हो गया है।
बाढ़ में फंसी एंबुलेंस को ट्रैक्टर से निकाला गया
बाढ़ की स्थिति के बीच रविवार को पांडवनगर चौकी के पास एक एंबुलेंस पानी में फंस गई। सड़क पर तेज बहाव होने के कारण वाहन आगे नहीं बढ़ सका। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से एंबुलेंस को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लादकर सुरक्षित बाहर निकाला गया।
फर्रुखाबाद में गांवों तक पहुंचा गंगा का पानी
फर्रुखाबाद जिले में भी गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के तीन से चार गांव प्रभावित हुए हैं। कई खेतों और संपर्क मार्गों पर पानी भर गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।