नई दिल्ली- देशभर में मानसून ने एक बार फिर तबाही मचा दी है। लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने पूर्वोत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। असम में बाढ़ और बारिश से मरने वालों की संख्या बढ़कर 82 हो गई है, जबकि केरल में 8 लोगों की मौत, 8 लोग लापता और 13 लोग घायल बताए गए हैं। वहीं छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में दो किशोरियों की मौत हो गई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से अति भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है।
असम में सबसे ज्यादा तबाही, 1.92 लाख से अधिक लोग प्रभावित
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य के शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव और चराईदेव समेत पांच जिलों के 379 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। करीब 1.92 लाख लोग सीधे तौर पर बाढ़ की चपेट में हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है, जबकि प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने में जुटा है।
केरल में 209 राहत शिविर, हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
केरल में भारी बारिश के चलते हालात गंभीर बने हुए हैं। अब तक 8 लोगों की मौत, 8 लोग लापता और 13 लोग घायल हुए हैं। बारिश से 27 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए, जबकि 196 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। राज्य सरकार ने 209 राहत शिविर बनाए हैं, जहां 5,792 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रभावित इलाकों में राहत एवं पुनर्वास कार्य लगातार जारी है।
छत्तीसगढ़ में बाढ़ से तबाही, 50 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त
छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और नारायणपुर क्षेत्र में लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। राज्य के मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि 28 से 30 जुलाई के बीच सामान्य से कई गुना अधिक बारिश हुई, जिससे कई क्षेत्रों में हालात बादल फटने जैसे बन गए। बाढ़ में दो लड़कियों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने में जुटा है।
गुजरात, हिमाचल और उत्तराखंड में भी हाई अलर्ट
IMD ने गुजरात के मोरबी, राजकोट, सुरेंद्रनगर, अहमदाबाद समेत कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं हिमाचल प्रदेश के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट, जबकि उत्तराखंड और असम में नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण हाई अलर्ट जारी है। ओडिशा के कई हिस्सों में भी बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।
अगले 4-5 दिन सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों तक पूर्वोत्तर भारत, मध्य और पूर्वी हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। वहीं हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, केरल और दक्षिणी कर्नाटक के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। लोगों से प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।