तमिलनाडु- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तमिलनाडु के ममल्लापुरम में NEET पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले तीन छात्रों के परिजनों से मुलाकात की। मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिन छात्रों ने ईमानदारी से मेहनत की, आखिर उन्हें किस बात की सजा मिली? उन्होंने कहा कि छात्रों को किसी माफी की जरूरत नहीं, बल्कि सरकार को अपनी विफलता स्वीकार कर सच बताना, न्याय देना और छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
'दोबारा परीक्षा ने लाखों छात्रों पर बढ़ाया मानसिक दबाव'
राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द होने और दोबारा NEET आयोजित किए जाने से लाखों छात्रों पर असहनीय मानसिक दबाव पड़ा। उन्होंने कहा कि हर आंकड़े के पीछे एक ऐसा छात्र है जिसके सपने थे और एक ऐसा परिवार है जो आज अपूरणीय क्षति का दर्द झेल रहा है। उनके मुताबिक शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जहां मेहनत का सम्मान हो और संस्थागत विफलताओं का खामियाजा किसी छात्र को अपनी जान देकर न चुकाना पड़े।
PM मोदी के 'माफ करने' वाले बयान पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया 'छात्रों को माफ करने' वाले बयान का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत के छात्रों को किसी माफी की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले उन परिवारों से मिलना चाहिए जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया या जिनकी वर्षों की मेहनत, समय और सपने पेपर लीक की वजह से बर्बाद हो गए। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री को छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
'शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल'
राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और वर्षों की मेहनत एक झटके में खत्म हो जाने से छात्रों का व्यवस्था पर भरोसा टूट रहा है। छात्रों से ईमानदारी की उम्मीद की जाती है, लेकिन व्यवस्था स्वयं ईमानदार नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन माता-पिता ने अपने बच्चों को खोया है, उनका दर्द कभी खत्म नहीं होगा और यह घटना शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता को उजागर करती है।
कांग्रेस ने निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था की मांग दोहराई
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ऐसी शिक्षा व्यवस्था के लिए संघर्ष कर रही है जहां परीक्षाएं निष्पक्ष हों, मेहनत का सम्मान हो और किसी भी छात्र का भविष्य भ्रष्टाचार या पेपर लीक जैसी घटनाओं की भेंट न चढ़े। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवारों की आवाज को लगातार उठाया जाएगा।