कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तसलीमा नसरीन और जॉय गोस्वामी को लेकर विवाद के बीच पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि तसलीमा नसरीन एक लेखिका हैं और उनकी रचनाओं से सहमति या असहमति हो सकती है, लेकिन उन्हें देश और राज्य से बाहर कर दिया गया था। हमारी सरकार ने उन्हें वापस लाकर सम्मान दिया है।
‘जिन्होंने तसलीमा का साथ नहीं दिया, उन्हें मंच पर सम्मान क्यों’
दिलीप घोष ने कहा कि जिन्होंने तसलीमा नसरीन का विरोध किया और उन्हें बाहर जाने के लिए मजबूर किया, उन्हें मंच पर बुलाकर सम्मान देने पर जनता में नाराजगी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग सेक्युलरिज्म और बंगाली अस्मिता की बात करते थे, उन्होंने उस समय तसलीमा के समर्थन में आवाज क्यों नहीं उठाई। क्या तसलीमा बंगाली नहीं हैं? जनता सब देख रही है और लोगों में इसको लेकर आक्रोश है।
बरकती के बयान पर दिलीप घोष का पलटवार
बरकती साहब के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि उनकी बातों को भूल जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले भी उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी थी और अब जो लोग कट्टरपंथी सोच को बढ़ावा देते रहे, जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों के अच्छे भविष्य के लिए दुआ करनी चाहिए।
वाम नेताओं पर भी उठाए सवाल
दिलीप घोष ने वाम नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जब बरकती साहब पहले विवादित बयान देते थे, तब क्या वाम नेताओं ने उनका विरोध किया था? उन्होंने कहा कि अब जो जरूरी है, वही किया जा रहा है।
बीरभूम माफिया केस पर सरकार की कार्रवाई का दावा
बीरभूम में माफिया की गिरफ्तारी और करोड़ों रुपये की बरामदगी को लेकर दिलीप घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल के पिछड़ने का एक कारण माफिया तंत्र भी है। उन्होंने दावा किया कि सरकार अब ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और उनकी संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे कानून का हाथ सभी तक पहुंचेगा।
माफिया से जुड़े लोगों पर भी होगी कार्रवाई
माफिया की महिला साथी की गिरफ्तारी पर दिलीप घोष ने कहा कि ऐसे लोगों के कई सहयोगी होते हैं, जिनके जरिए वे पैसों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले का लंबा इतिहास है और अब सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।
प्रधानमंत्री की माफी पर दिलीप घोष का बयान
प्रधानमंत्री के माफी मांगने के मुद्दे पर दिलीप घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री सभी के अभिभावक हैं और बच्चे गलती करते हैं तो उन्हें माफ किया जाता है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी 18 साल से कम उम्र के मामलों में संवेदनशीलता बरतने की बात कह चुका है। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने संस्कार भूलकर देश का अपमान करने की कोशिश करते हैं, उनकी निंदा होनी चाहिए।
बीजेपी नेताओं पर वसूली के आरोपों पर बोले दिलीप घोष
राज्य में बीजेपी नेताओं और विधायकों पर लग रहे वसूली के आरोपों को लेकर दिलीप घोष ने कहा कि तृणमूल शासन में बनी वसूली की संस्कृति इतनी जल्दी खत्म नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस को शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
‘पार्टी नजर रख रही है, छह महीने में होगी कार्रवाई’
दिलीप घोष ने कहा कि पार्टी के कुछ लोग भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं और उन पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ नए विधायक उन लोगों के करीब जा रहे हैं, जिन्होंने पहले जनता को परेशान किया था। पार्टी के अंदर इस पर चर्चा हो रही है और छह महीने के अंदर जरूरत पड़ी तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी।