नई दिल्ली- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि छात्रों को प्रधानमंत्री की माफी नहीं, बल्कि उनसे माफी मिलने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य की रक्षा करने में विफल रही है और अब उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है।
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद राहुल का भावुक बयान
राहुल गांधी ने कहा कि किसी भी माता-पिता के लिए अपने बच्चे के दुख को देखना सबसे बड़ा दर्द होता है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनका दर्द कभी खत्म नहीं हो सकता। राहुल के मुताबिक, यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला है।
'छात्रों को नहीं, प्रधानमंत्री को मांगनी चाहिए माफी'
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले छात्रों को माफ करने की बात कही थी। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री न तो किसी शोकाकुल परिवार से मिले और न ही उन छात्रों से, जिनका भविष्य पेपर लीक की वजह से प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि "भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की माफी की जरूरत नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।"
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक, परीक्षाओं का रद्द होना और वर्षों की मेहनत का एक पल में खत्म हो जाना लाखों युवाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों से ईमानदारी की उम्मीद की जाती है, जबकि व्यवस्था खुद ईमानदार नहीं है। उन्होंने इसे शिक्षा प्रणाली की बड़ी विफलता बताया।
'Gen Z को डराकर चुप नहीं करा सकते'
राहुल गांधी ने सरकार पर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए कहा कि युवाओं पर एफआईआर दर्ज की जा रही है और उनके सोशल मीडिया अकाउंट तक बंद करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि "Gen Z को डरा-धमकाकर चुप नहीं कराया जा सकता। भारत का भविष्य युवाओं के हाथ में है और उनके साथ संवेदनशील व्यवहार होना चाहिए।"
राजनीतिक बयानबाजी तेज
राहुल गांधी के इस बयान के बाद नीट पेपर लीक विवाद और प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। एक ओर केंद्र सरकार अपने रुख का बचाव कर रही है, वहीं विपक्ष लगातार सरकार को छात्रों के मुद्दे पर घेरने में जुटा हुआ है।