मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में एक चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान के दौरान मध्यप्रदेश राज्य आपदा आपातकालीन मोचन बल (SDERF) की टीम ने बड़ी सफलता हासिल की। जावर थाना क्षेत्र के हांडीकुंड में सुक्ता और आवना नदी के बीच बने टापू पर फंसे चार युवकों को करीब साढ़े 10 घंटे तक चले अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस सफल अभियान के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रेस्क्यू में शामिल सभी अधिकारियों और जवानों की सराहना करते हुए उनके साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा की।
दो नदियों के बीच फंसे थे चार युवक
जानकारी के अनुसार, खंडवा जिले के हांडीकुंड क्षेत्र में सुक्ता और आवना नदी के मध्य स्थित टापू पर चार युवक फंस गए थे। नदी का जलस्तर और परिस्थितियां लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई थीं, जिससे उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना आसान नहीं था। सूचना मिलते ही SDERF की टीम मौके पर पहुंची और योजनाबद्ध तरीके से बचाव अभियान शुरू किया।
साढ़े 10 घंटे तक चला रेस्क्यू अभियान
रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार लगभग 10 घंटे 30 मिनट तक चला। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और जोखिमों के बावजूद टीम ने धैर्य और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए चारों युवकों को सकुशल बाहर निकाल लिया। अभियान के सफल समापन के बाद स्थानीय प्रशासन और लोगों ने राहत की सांस ली।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की टीम की सराहना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस सफल अभियान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि SDERF ने मानव जीवन की रक्षा के लिए अदम्य साहस, धैर्य और उत्कृष्ट समन्वय का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों में लंबे समय तक संघर्ष कर टीम ने अपनी जिम्मेदारी का बेहतरीन निर्वहन किया और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
अधिकारियों और जवानों के समर्पण की भी हुई प्रशंसा
मुख्यमंत्री ने इस अभियान में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई, पेशेवर कार्यशैली और कर्तव्यनिष्ठा की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी टीमों की तत्परता और प्रतिबद्धता संकट के समय लोगों के जीवन की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।