नई दिल्ली - दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का मामला चर्चा में रहा। इसी विवाद के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर प्रदर्शन में शामिल उन बच्चों को माफ करने की बात कही और समाज से भी उन्हें सही राह दिखाने की अपील की।
सुनील लहरी ने प्रधानमंत्री के फैसले की सराहना की
प्रधानमंत्री के इस संदेश के बाद टीवी धारावाहिक रामायण में लक्ष्मण की भूमिका निभा चुके अभिनेता सुनील लहरी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बड़े दिल का परिचय दिया है। लहरी ने कहा कि जिन लोगों ने उनके और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, उन्हें भी माफ करने का फैसला उनकी उदारता को दर्शाता है।
उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा कि भारत ऐसे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में है, जो कठिन फैसले लेने के साथ-साथ संवेदनशीलता भी रखते हैं। साथ ही उन्होंने देशवासियों के सुख, शांति और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए "जय श्रीराम" का उद्घोष भी किया।
प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बच्चों से गलतियां हो सकती हैं और समाज का दायित्व उन्हें सही दिशा दिखाना है। उन्होंने कहा कि केवल दंड देने से परिस्थितियां नहीं बदलेंगी, बल्कि संवाद और मार्गदर्शन के जरिए उन्हें बेहतर रास्ता दिखाना चाहिए। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे कभी-कभी दांतों के बीच जीभ आ जाने पर चोट लगती है, लेकिन कोई अपने दांत नहीं तोड़ता, उसी तरह समाज को भी गुमराह युवाओं को अपनाकर सुधारने का प्रयास करना चाहिए।
नाबालिग छात्रा ने सार्वजनिक रूप से जताया खेद
इस मामले में वायरल वीडियो से जुड़ी नाबालिग छात्रा ने भी बाद में सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उसने हाथ जोड़कर अपने बयान पर खेद व्यक्त किया और कहा कि वह भीड़ के माहौल में बहक गई थी। छात्रा ने भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न करने का आश्वासन भी दिया।
क्या है पूरा मामला?
23 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र प्रदर्शन के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक नाबालिग छात्रा प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करती दिखाई दी। वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले में पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की, जिसे आगे की जांच के लिए संबंधित थाना क्षेत्र में भेज दिया गया।
यह मामला फिलहाल सार्वजनिक चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, प्रधानमंत्री के माफी वाले संदेश और उसके बाद आई विभिन्न प्रतिक्रियाओं ने इस पूरे घटनाक्रम को नई दिशा दे दी है।