रायपुर - छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने 1 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। अगले दो दिनों तक भी मौसम का यही मिजाज बने रहने की संभावना है। लगातार बारिश से कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
डीप डिप्रेशन से बढ़ी बारिश की गतिविधियां
मौसम विभाग के मुताबिक, विदर्भ और उससे लगे मध्य प्रदेश पर बना डीप डिप्रेशन अभी सक्रिय है। वहीं मानसून ट्रफ जैसलमेर, उदयपुर और इंदौर होते हुए इसी सिस्टम के केंद्र से गुजर रही है। इसी के प्रभाव से पिछले दो दिनों से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है।
महानदी डेंजर जोन में, कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात
लगातार बारिश के कारण रायगढ़ और सारंगढ़ के बीच बहने वाली महानदी खतरे के निशान तक पहुंच गई है। इसके चलते सुरजगढ़, सिंघपुरी, चंघोरी, बाराडोली, परसापाली और खफरापाली गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। वहीं धमतरी जिले में महानदी में लापता तीन लोगों में से एक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दो लोगों की तलाश जारी है।
SDRF ने बाढ़ में फंसे परिवार को बचाया
आरंग क्षेत्र के निसदा गांव में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया। एक ही परिवार के छह सदस्य चारों तरफ से पानी में घिर गए थे। सूचना मिलते ही SDRF की टीम ने मोटरबोट के जरिए सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
अगले दो दिन भी जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। अगले दो दिनों तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।
रायपुर सबसे गर्म, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश
प्रदेश में शुक्रवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। इस मानसून सीजन में अब तक सारंगढ़-बिलाईगढ़ सबसे अधिक बारिश वाला जिला रहा है। यहां 769.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 76 प्रतिशत अधिक है।