देश के पश्चिमी, उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में शनिवार को मॉनसून सक्रिय रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार, गुजरात में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। वहीं पूर्वी राजस्थान, कोंकण एवं गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल-माहे में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। दिल्ली, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी राजस्थान, पूर्वोत्तर भारत और तमिलनाडु समेत कई क्षेत्रों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। हालांकि, ‘अलग-अलग स्थानों’ की चेतावनी का अर्थ पूरे राज्य में एक जैसी बारिश होना नहीं है। स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर एक जिले से दूसरे जिले तक मौसम में काफी अंतर रह सकता है।
1 अगस्त को कहां सबसे ज्यादा बारिश का खतरा?
| क्षेत्र | IMD की प्रमुख चेतावनी |
|---|---|
| गुजरात | कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश |
| पूर्वी राजस्थान | भारी से बहुत भारी बारिश |
| कोंकण एवं गोवा | भारी से बहुत भारी बारिश |
| मध्य महाराष्ट्र | भारी से बहुत भारी बारिश |
| तटीय कर्नाटक | भारी से बहुत भारी बारिश |
| दक्षिण आंतरिक कर्नाटक | भारी से बहुत भारी बारिश |
| केरल एवं माहे | भारी से बहुत भारी बारिश |
| दिल्ली-हरियाणा-चंडीगढ़ | कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना |
| बिहार | छह जिलों में भारी बारिश; कुछ क्षेत्रों में तेज हवा |
| उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर | कहीं-कहीं भारी बारिश |
| पूर्वोत्तर भारत | कई राज्यों में कहीं-कहीं भारी बारिश |
| तमिलनाडु-पुडुचेरी | कहीं-कहीं भारी बारिश और गरज-चमक |
यह पूर्वानुमान 1 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 2 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक की अवधि के लिए है।
गुजरात में सबसे गंभीर चेतावनी, जलभराव और बाढ़ का खतरा
शनिवार को गुजरात मौसम की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रह सकता है। IMD ने राज्य के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई है। तेज बारिश के कारण निचले क्षेत्रों में जलभराव, अंडरपास बंद होने, सड़कों पर यातायात प्रभावित होने और छोटी नदियों तथा नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा है। पहाड़ी या ढलान वाले संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और मिट्टी खिसकने की घटनाएं भी हो सकती हैं। लोगों को पानी से भरी सड़कों, कमजोर ढांचों और उफनते नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
क्या गुजरात में ‘रेड अलर्ट’ है?
IMD के मानचित्र में गुजरात के कुछ हिस्से लाल रंग में दिखाए गए हैं, लेकिन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मानचित्र पर लाल रंग का अर्थ अपने आप ‘रेड अलर्ट’ नहीं है। इसका संकेत लोगों और प्रशासन को ‘Take Action’ यानी जरूरी कार्रवाई करने से है। इसलिए खबर में इसे “अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी” या “सबसे गंभीर मौसम चेतावनी” लिखना अधिक सटीक है।
मौसम बिगाड़ने वाला सिस्टम क्या है?
IMD के अनुसार पश्चिमी विदर्भ और उससे सटे दक्षिणी मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था। इसके पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास के मध्य महाराष्ट्र से गुजरते हुए धीरे-धीरे कमजोर पड़ने का अनुमान है। इस सिस्टम के प्रभाव से गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। अरब सागर से आने वाली नमी भी पश्चिमी तट और उससे जुड़े क्षेत्रों में बारिश को समर्थन दे रही है।
दिल्ली में बादल और हल्की बारिश, तापमान में मिलेगी राहत
दिल्ली के लिए जारी स्थानीय पूर्वानुमान के मुताबिक शनिवार को आसमान आमतौर पर बादलों से घिरा रहेगा। सुबह से दोपहर से पहले कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। दोपहर और शाम के दौरान दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की बारिश का एक और दौर आने का अनुमान है।
राजधानी में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। सतही हवाओं की गति सामान्य रूप से 20 से 25 किलोमीटर प्रतिघंटा रहने का अनुमान है। राष्ट्रीय स्तर के IMD बुलेटिन में दिल्ली-हरियाणा-चंडीगढ़ मौसम उपखंड में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना भी दी गई है। स्थानीय शहर पूर्वानुमान मुख्य रूप से हल्की बारिश बता रहा है। दोनों पूर्वानुमानों में अंतर इसलिए है क्योंकि पहला व्यापक मौसम उपखंड के लिए है, जबकि दूसरा दिल्ली शहर के लिए अधिक स्थानीय अनुमान है। प्राप्त प्रारंभिक जानकारी में दिल्ली में 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की आंधी और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री बताया गया था। नवीनतम स्थानीय बुलेटिन में हवा 20 से 25 किलोमीटर प्रतिघंटा और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री रहने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश में बारिश संभव, लेकिन राज्य स्तरीय चेतावनी नहीं
उत्तर प्रदेश के लिए जारी ताजा राज्य बुलेटिन में 1 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बताई गई है। हालांकि, प्रकाशन के समय उपलब्ध इस बुलेटिन में पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए कोई राज्य स्तरीय मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई थी। इसलिए “उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट” वाला दावा नवीनतम राज्य बुलेटिन से प्रमाणित नहीं होता। स्थानीय नाउकास्ट या जिला प्रशासन की बाद की चेतावनी आने पर स्थिति बदल सकती है।
बिहार के छह जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
बिहार में शनिवार को पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, अररिया और कटिहार जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है। उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवा चल सकती है। लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रारंभिक कॉपी में बिहार के 19 जिलों और 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की हवा का उल्लेख था। नवीनतम आधिकारिक जिला पूर्वानुमान में भारी बारिश के लिए छह जिलों और झोंकेदार हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा बताई गई है।
झारखंड में कई जगह बारिश, 40 से 50 किमी की हवा संभव
झारखंड में शनिवार को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवा चलने की संभावना है। नवीनतम आधिकारिक बुलेटिन में 15 जिलों के लिए अलग से मूसलाधार बारिश की सूची नहीं दी गई है। इसलिए राज्य में व्यापक भारी बारिश के बजाय कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं तेज हवा-गरज की चेतावनी लिखना अधिक तथ्यपरक है।
राजस्थान और महाराष्ट्र में भारी बारिश का दौर
पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इससे निचले इलाकों, ग्रामीण सड़कों और जल निकासी की कमजोर व्यवस्था वाले शहरों में जलभराव का खतरा रहेगा। महाराष्ट्र के कोंकण एवं गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की झोंकेदार हवा चल सकती है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा रह सकती है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार या कम समय में तेज बारिश होने पर भूस्खलन, पत्थर गिरने, पहाड़ी नालों में अचानक पानी बढ़ने और सड़कों के अवरुद्ध होने का खतरा रहता है। 31 जुलाई को खराब मौसम और ट्रैक की मरम्मत के कारण अमरनाथ यात्रा का बालटाल मार्ग स्थगित किया गया था। पहलगाम मार्ग पर भी मरम्मत का काम चल रहा था। बालटाल में भारी बारिश के बाद एक स्थान पर मामूली फ्लैश फ्लड की सूचना मिली, लेकिन जान-माल के नुकसान की खबर नहीं थी। यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले प्रशासन का नवीनतम अपडेट देखना चाहिए।
ओडिशा में बाढ़ गंभीर, महानदी और सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ा
ओडिशा में पिछली भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। महानदी और उसकी सहायक नदियों में पानी बढ़ने के बाद प्रशासन ने निचले क्षेत्रों में राहत तथा बचाव कार्य तेज किए हैं। हीराकुंड बांध के कई गेट खोले जाने से निचले जिलों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। PTI की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में सात लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। अलग-अलग समय पर जारी अपडेटों में प्रभावित जिलों की संख्या में अंतर है, इसलिए अंतिम संख्या के लिए राज्य सरकार के नवीनतम बुलेटिन को प्राथमिकता देना चाहिए। IMD के 1 अगस्त के पूर्वानुमान में ओडिशा के लिए गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की हवा की चेतावनी है। राज्य में अधिक व्यापक भारी बारिश का संकेत अगले दिनों के पूर्वानुमान में ज्यादा स्पष्ट है। इसलिए शनिवार के लिए पूरे ओडिशा में मूसलाधार बारिश लिखना उचित नहीं होगा।
असम में करीब 1.93 लाख लोग अब भी प्रभावित
असम में बाढ़ का असर जारी है। 1 अगस्त की सुबह उपलब्ध अपडेट के अनुसार बाढ़ से मरने वालों की संख्या 82 हो गई थी और करीब 1.93 लाख लोग पांच जिलों में प्रभावित थे। 379 गांव और 15 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पानी की चपेट में बताई गई।
प्राप्त कॉपी में 3.32 लाख प्रभावित लोगों का आंकड़ा था, जो पहले के अपडेट से संबंधित था। बाढ़ के आंकड़े जलस्तर घटने या नए क्षेत्र प्रभावित होने के साथ तेजी से बदलते हैं, इसलिए प्रकाशन के समय नवीनतम ASDMA बुलेटिन की जांच जरूरी है।
पूर्वोत्तर में 5 अगस्त तक बारिश का दौर
अरुणाचल प्रदेश, असम एवं मेघालय और नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में शनिवार को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर के कई क्षेत्रों में गरज-चमक की संभावना भी बनी हुई है। लगातार बारिश वाले इलाकों में नदी किनारे और पहाड़ी ढलानों के पास विशेष सावधानी जरूरी है।
दक्षिण भारत में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका
तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल-माहे में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल और लक्षद्वीप में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की तेज हवा चल सकती है। आंध्र प्रदेश, केरल, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु तथा लक्षद्वीप के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की हवा की संभावना है।
बारिश के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
तेज बारिश के दौरान जलभराव वाले अंडरपास, नदी-नालों और बहते पानी वाली सड़कों से वाहन निकालने का प्रयास न करें। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा से पहले सड़क और मौसम की स्थिति जांचें। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे और धातु की बाड़ से दूर रहें। स्थानीय प्रशासन की निकासी संबंधी चेतावनी मिलने पर सुरक्षित स्थान पर जाएं। वाहन चालक कम दृश्यता में गति घटाएं और जलभराव वाले मार्गों के लिए वैकल्पिक रास्ता अपनाएं।
1 अगस्त का मौसम एक नजर में
| स्थान | संभावित मौसम |
|---|---|
| दिल्ली | बादल, हल्की बारिश; अधिकतम 33–35°C |
| उत्तर प्रदेश | पश्चिम में कहीं-कहीं, पूर्व में कुछ स्थानों पर बारिश; राज्य स्तरीय चेतावनी नहीं |
| बिहार | छह जिलों में भारी बारिश; 30–40 किमी/घंटा हवा |
| झारखंड | कई जगह हल्की-मध्यम बारिश; 40–50 किमी/घंटा हवा |
| गुजरात | कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश |
| पूर्वी राजस्थान | भारी से बहुत भारी बारिश |
| महाराष्ट्र | कोंकण और मध्य महाराष्ट्र में भारी से बहुत भारी बारिश |
| मध्य प्रदेश | गरज-चमक और झोंकेदार हवा; पश्चिमी हिस्सों में ज्यादा गतिविधि |
| उत्तराखंड-हिमाचल | कहीं-कहीं भारी बारिश और भूस्खलन का जोखिम |
| असम | बाढ़ का असर जारी; कहीं-कहीं भारी बारिश |
| ओडिशा | बाढ़ की गंभीर स्थिति; गरज-चमक और तेज हवा |
| केरल-कर्नाटक | कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश |