भोपाल। मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं, खेत जलमग्न हो गए हैं और कई सड़कों पर आवागमन बाधित है। सबसे ज्यादा असर खरगोन, बुरहानपुर और खंडवा जिलों में देखने को मिला, जहां भारी बारिश के कारण प्रशासन को अलर्ट मोड पर आना पड़ा।
खरगोन में सबसे ज्यादा बारिश, खेत बने तालाब
प्रदेश में सबसे अधिक बारिश खरगोन जिले की गोगावां तहसील में दर्ज की गई, जहां 24 घंटे के भीतर करीब 200 मिमी वर्षा हुई। लगातार बारिश से भीकनगांव और आसपास के इलाकों में खेत पूरी तरह पानी से भर गए। मक्का, सोयाबीन, कपास और मिर्च जैसी फसलें जलभराव की चपेट में आ गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है।
बुरहानपुर में ताप्ती नदी उफान पर
बुरहानपुर में लगातार बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी आने के कारण ताप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। खकनार क्षेत्र के कई गांवों में तेज हवा और बारिश के कारण मक्का और केले की फसलें भी जमीन पर गिर गई हैं।
खंडवा में बांध के गेट खुले, कई जगह नुकसान
खंडवा जिले में 24 घंटे के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई। जलस्तर बढ़ने पर भाम राजगढ़ बांध के पांच गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा गया। वहीं झिरन्या उद्वहन सिंचाई परियोजना की पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। तेज आंधी के चलते इंदौर-ऐदलाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई ढाबों और कच्चे मकानों के टिन शेड उड़ गए। कुछ स्थानों पर बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
दो बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में सात लोगों की बची जान
लगातार बारिश के बीच खंडवा जिले में दो अलग-अलग रेस्क्यू अभियान चलाए गए। सुक्ता नदी में जलस्तर बढ़ने से टापू पर फंसे चार युवकों को एसडीईआरएफ की टीम ने करीब 10 घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। रातभर ड्रोन के जरिए उन्हें लाइफ जैकेट, भोजन और पानी उपलब्ध कराया गया। वहीं अजंटी-चाकल्या नाले में तेज बहाव के बीच फंसे तीन अन्य युवकों को पुलिस, एसडीईआरएफ और स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया।
नाले में बहे दो युवक, एक लापता
खरगोन जिले के गंधावड़ गांव के पास तेज बहाव में बाइक सहित दो युवक बह गए। इनमें एक युवक सुरक्षित बाहर निकल आया, जबकि 19 वर्षीय विनय वास्कले का अब तक पता नहीं चल पाया है। प्रशासन और बचाव दल उसकी तलाश में जुटे हैं।
सिरवेल महादेव झरने पर दर्शन अस्थायी रूप से बंद
भगवानपुरा क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण सिरवेल महादेव झरना पूरे वेग से बह रहा है। सुरक्षा कारणों से झरने के पास स्थित गुफा का रास्ता बंद कर दिया गया है और फिलहाल श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक लगा दी गई है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और पुलों को पार करने का जोखिम न उठाएं। मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
Key Highlights
- मालवा-निमाड़ में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित।
- खरगोन में 24 घंटे में करीब 200 मिमी बारिश।
- ताप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही।
- खंडवा में बांध के पांच गेट खोले गए।
- दो रेस्क्यू ऑपरेशन में सात लोगों की जान बचाई गई।
- एक युवक तेज बहाव में लापता, तलाश जारी।
- सिरवेल महादेव झरने पर दर्शन अस्थायी रूप से बंद।
FAQ
Q. मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश कहां हुई?
खरगोन जिले की गोगावां तहसील में लगभग 200 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
Q. ताप्ती नदी की क्या स्थिति है?
ताप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।
Q. क्या फसलों को नुकसान हुआ है?
हाँ, कई क्षेत्रों में मक्का, सोयाबीन, कपास, मिर्च और केले की फसलें जलभराव और तेज हवा से प्रभावित हुई हैं।
Q. क्या किसी धार्मिक स्थल पर रोक लगाई गई है?
हाँ, सिरवेल महादेव झरने पर बढ़े जलस्तर के कारण फिलहाल दर्शन पर रोक लगा दी गई है।