कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतने वाले मध्य प्रदेश से जुड़े दो खिलाड़ियों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी घोषणा की है। जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य और वेटलिफ्टर वल्लुरी अजय बाबू को 25-25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि के साथ सरकारी नौकरी देने की बात कही गई है।
मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने देश के साथ प्रदेश का भी गौरव बढ़ाया है। मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक खेल विभाग के रिकॉर्ड में विश्वास कैलाश सारंग को खेल एवं युवा कल्याण मंत्री के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, जबकि राज्य सरकार के पोर्टल पर डॉ. मोहन यादव वर्तमान मुख्यमंत्री हैं।
खेल मंत्री ने क्या घोषणा की?
खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने वाली यामिनी मौर्य और वल्लुरी अजय बाबू को राज्य की खेल नीति के तहत 25-25 लाख रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
इसके साथ दोनों खिलाड़ियों को मध्य प्रदेश सरकार में नौकरी देने की भी घोषणा की गई है। सारंग ने कहा कि प्रदेश सरकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सुविधाएं, प्रशिक्षण और करियर सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
हालांकि, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध घोषणा में अभी यह नहीं बताया गया है कि दोनों खिलाड़ियों को किस विभाग में, किस पद पर और किस श्रेणी में नियुक्ति दी जाएगी। नियुक्ति पत्र जारी होने तथा विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नौकरी का अंतिम स्वरूप स्पष्ट होगा।
यामिनी मौर्य ने जूडो में जीता सिल्वर मेडल
सागर की रहने वाली यामिनी मौर्य ने महिलाओं की 57 किलोग्राम से कम भार वर्ग की जूडो स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। फाइनल में उनका सामना इंग्लैंड की एसेलिया टोप्राक से हुआ।
निर्धारित समय में मुकाबला बराबरी पर रहने के बाद फैसला गोल्डन स्कोर अवधि में हुआ। लंबे और कठिन मुकाबले में टोप्राक ने जीत दर्ज की, जबकि यामिनी ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। ग्लासगो 2026 की आधिकारिक रिपोर्ट में भी यामिनी को महिला -57 किग्रा वर्ग की रजत पदक विजेता के रूप में दर्ज किया गया है।
कॉमनवेल्थ डेब्यू में यामिनी का शानदार प्रदर्शन
यामिनी का यह पहला कॉमनवेल्थ गेम्स था। उन्होंने क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में मजबूत प्रदर्शन करते हुए खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया।
फाइनल में स्वर्ण पदक से चूकने के बावजूद यामिनी की उपलब्धि भारतीय जूडो के लिए महत्वपूर्ण रही। इसी दिन अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने अपनी-अपनी श्रेणियों में गोल्ड मेडल जीतकर भारत के लिए जूडो में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। यामिनी के सिल्वर के साथ भारत ने जूडो के उस दिन कुल तीन पदक जीते।
वल्लुरी अजय बाबू ने वेटलिफ्टिंग में जीता सिल्वर
वल्लुरी अजय बाबू ने पुरुषों की 79 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में कुल 330 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया। उन्होंने स्नैच में 149 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 181 किलोग्राम वजन उठाया।
अजय बाबू स्वर्ण पदक से केवल एक किलोग्राम पीछे रहे। मलेशिया के एरी हिदायत मुहम्मद ने कुल 331 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता। अंतिम प्रयास में मलेशियाई खिलाड़ी ने 184 किलोग्राम की क्लीन एंड जर्क लिफ्ट पूरी करते हुए अजय बाबू को दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया।
स्नैच में अजय बाबू ने बनाया था गेम्स रिकॉर्ड
अजय बाबू ने स्नैच के अपने अंतिम प्रयास में 149 किलोग्राम वजन उठाया था। इस प्रदर्शन से उन्होंने उस समय नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया और प्रतियोगिता के पहले हिस्से के बाद बढ़त हासिल की।
क्लीन एंड जर्क में 181 किलोग्राम उठाने के बाद उनका कुल वजन 330 किलोग्राम हो गया। वह कुछ समय तक गोल्ड मेडल की स्थिति में थे, लेकिन प्रतियोगिता की आखिरी लिफ्ट में मलेशिया के एरी हिदायत ने 184 किलोग्राम उठाकर कुल वजन 331 किलोग्राम कर लिया।
पिता के ब्रॉन्ज के 16 साल बाद बेटे ने जीता सिल्वर
अजय बाबू की सफलता का पारिवारिक महत्व भी है। उनके पिता वल्लुरी श्रीनिवास राव ने 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था।
सोलह साल बाद अजय बाबू ने एक कदम आगे बढ़ते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया। वह आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के कोंडावेलागाडा गांव के रहने वाले हैं और मध्य प्रदेश की खेल व्यवस्था तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़े खिलाड़ी के रूप में ग्लासगो पहुंचे थे।
मध्य प्रदेश से दोनों खिलाड़ियों का क्या संबंध है?
यामिनी मौर्य मध्य प्रदेश के सागर जिले से हैं। वहीं अजय बाबू मूल रूप से आंध्र प्रदेश के निवासी हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू होने से पहले मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण विभाग से जुड़ी जानकारी में दोनों खिलाड़ियों को प्रदेश के पांच सदस्यीय खिलाड़ी समूह में शामिल बताया गया था।
इस समूह में यामिनी और अजय बाबू के अलावा राज्य एथलेटिक्स अकादमी के देव मीणा, कुलदीप कुमार और समरदीप सिंह भी शामिल थे। इसलिए अजय बाबू को “मध्य प्रदेश में जन्मे खिलाड़ी” लिखने के बजाय “मध्य प्रदेश की खेल व्यवस्था से जुड़े खिलाड़ी” कहना अधिक सटीक रहेगा।
क्या दोनों को सीधे सरकारी नौकरी मिल जाएगी?
खेल मंत्री ने दोनों खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है, लेकिन यह अपने आप तत्काल नियुक्ति आदेश नहीं है। सामान्य रूप से ऐसी घोषणा के बाद खेल विभाग और संबंधित नियुक्ति विभाग को पात्रता, दस्तावेज, पद तथा सेवा शर्तों से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
अभी सार्वजनिक घोषणा में निम्नलिखित जानकारी नहीं दी गई है:
- किस विभाग में नियुक्ति होगी
- नौकरी का पद और वेतनमान क्या रहेगा
- नियुक्ति नियमित होगी या किसी विशेष खेल कोटे में
- नियुक्ति पत्र कब जारी किए जाएंगे
- खिलाड़ियों से कौन-कौन से दस्तावेज मांगे जाएंगे
इन सवालों के जवाब राज्य सरकार या खेल विभाग के विस्तृत आदेश के बाद मिलेंगे। इसलिए फिलहाल “नौकरी देने की घोषणा” लिखना सही होगा, जबकि “दोनों को नियुक्ति मिल गई” लिखना समय से पहले होगा।
क्या हर CWG पदक विजेता को ₹25 लाख मिलेंगे?
मौजूदा घोषणा विशेष रूप से सिल्वर मेडल जीतने वाले यामिनी मौर्य और वल्लुरी अजय बाबू से संबंधित है। उपलब्ध रिपोर्ट में यह दावा नहीं किया गया है कि कॉमनवेल्थ गेम्स के गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज—हर पदक विजेता को समान रूप से 25 लाख रुपये दिए जाएंगे।
खेल मंत्री के अनुसार दोनों खिलाड़ियों को रजत पदक के लिए राज्य की खेल नीति के तहत 25-25 लाख रुपये मिलेंगे। अन्य पदक श्रेणियों में पुरस्कार की राशि अलग हो सकती है। इसलिए खबर के शीर्षक में “MP के सभी पदक विजेताओं को ₹25 लाख” लिखना भ्रामक हो सकता है।
खिलाड़ियों को पुरस्कार देने का उद्देश्य
राज्य सरकार का कहना है कि आर्थिक पुरस्कार और सरकारी नौकरी जैसी सुविधाओं से खिलाड़ियों को अपना खेल करियर जारी रखने में सहायता मिलती है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में प्रशिक्षण, खेल उपकरण, पोषण, यात्रा और चिकित्सा पर बड़ा खर्च होता है।
सरकारी नौकरी मिलने से खिलाड़ी को दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा भी मिल सकती है। इससे युवा खिलाड़ियों और उनके परिवारों को खेल को पूर्णकालिक करियर के रूप में चुनने का प्रोत्साहन मिल सकता है।
यामिनी और अजय बाबू को मिलने वाला सम्मान एक नजर में
| खिलाड़ी | खेल और स्पर्धा | CWG 2026 परिणाम | घोषित सम्मान |
|---|---|---|---|
| यामिनी मौर्य | महिला जूडो -57 किग्रा | सिल्वर मेडल | ₹25 लाख और सरकारी नौकरी |
| वल्लुरी अजय बाबू | पुरुष वेटलिफ्टिंग 79 किग्रा | सिल्वर मेडल | ₹25 लाख और सरकारी नौकरी |
यामिनी के पदक की पुष्टि ग्लासगो 2026 की आधिकारिक रिपोर्ट और अजय बाबू के पदक की पुष्टि कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के परिणामों से होती है। नकद पुरस्कार और नौकरी संबंधी जानकारी खेल मंत्री की सार्वजनिक घोषणा पर आधारित है।
अभी और पदकों की उम्मीद
विश्वास सारंग ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में मध्य प्रदेश से जुड़े दूसरे खिलाड़ी भी चुनौती पेश कर रहे हैं और प्रदेश को उनसे अतिरिक्त पदकों की उम्मीद है।
कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए मध्य प्रदेश से जुड़े पांच खिलाड़ियों की सूची में पोल वॉल्ट के देव मीणा और कुलदीप कुमार तथा शॉट पुट खिलाड़ी समरदीप सिंह भी शामिल थे। अंतिम परिणाम संबंधित स्पर्धाओं के पूरा होने के बाद ही तय होंगे।