नई दिल्ली - केंद्र सरकार ने देश में तेल और प्राकृतिक गैस की खोज और उत्पादन बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन (E&P) सेक्टर के लिए 84,000 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है।
चार साल में बढ़ेगा घरेलू ऊर्जा उत्पादन
मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, इस योजना के तहत अगले चार वर्षों में देश में ऊर्जा संसाधनों की खोज को तेज किया जाएगा। इसमें नए क्षेत्रों से डेटा जुटाने, गहरे समुद्र (डीप वाटर) में ड्रिलिंग करने और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर जोर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य देश में तेल और गैस के घरेलू उत्पादन को बढ़ाना है, जिससे विदेशी आयात पर निर्भरता कम हो सके।
भारत का तेल आयात बिल करीब 150 अरब डॉलर
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और देश में ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि भारत की ऊर्जा खपत वैश्विक औसत की तुलना में काफी अधिक है, इसके बावजूद देश को कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस बड़ी मात्रा में आयात करना पड़ता है। वर्तमान में भारत का तेल आयात बिल लगभग 150 अरब अमेरिकी डॉलर के आसपास है।
हर साल 1 लाख करोड़ रुपये बचाने का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस योजना के पूरा होने के बाद आने वाले वर्षों में भारत को ऊर्जा आयात पर होने वाले खर्च में बड़ी राहत मिल सकती है। सरकार का अनुमान है कि घरेलू उत्पादन बढ़ने से देश हर साल करीब 1 लाख करोड़ रुपये तक की बचत कर सकता है।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
सरकार का यह कदम भारत को ऊर्जा क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तेल और गैस की नई खोज, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और उत्पादन क्षमता बढ़ाने से देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होने की उम्मीद है।