CWG 2026 Boxing: ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में राजस्थान की बेटी अरुंधति चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में एक और गोल्ड मेडल डाल दिया। महिला 70 किलोग्राम बॉक्सिंग फाइनल में कोटा की अरुंधति ने इंग्लैंड की चैंटेल रीड को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया और देश का गौरव बढ़ाया।
फाइनल में इंग्लैंड की बॉक्सर को हराया
भारतीय समयानुसार रात 9:30 बजे खेले गए फाइनल मुकाबले में अरुंधति चौधरी ने दमदार खेल दिखाया। इससे पहले इंग्लैंड की चैंटेल रीड ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया की लेकीशा पेरगोलिटी को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन खिताबी मुकाबले में भारतीय मुक्केबाज के सामने टिक नहीं सकीं।
सेमीफाइनल में भी दिखाया था दम
गोल्ड जीतने से पहले अरुंधति ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड की मजबूत मुक्केबाज रोजी रसेल को 4-0 से हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था। वहीं क्वार्टर फाइनल में उन्होंने न्यूजीलैंड की मॉर्गन हेंडरसन को 3-1 से मात दी थी।
परिवार ने मंदिर में की थी विशेष पूजा
फाइनल मुकाबले से पहले अरुंधति के चाचा, बड़ी बहन और छोटे भाई सहित पूरे परिवार ने मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना कर उनकी जीत की कामना की। जीत के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। उनके पिता सुरेश चौधरी, जो कोटा मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष भी हैं, ने बेटी की उपलब्धि पर गर्व जताया। मां सुनीता चौधरी ने भी इसे पूरे परिवार के लिए गौरव का क्षण बताया।
सेना की वर्दी और बॉक्सिंग दोनों पर गर्व
अरुंधति वर्तमान में भारतीय सेना में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें देश की सेवा करने के दो अवसर मिले हैं—एक सेना की वर्दी पहनकर और दूसरा बॉक्सिंग रिंग में भारत के लिए पदक जीतकर। उनके अनुसार दोनों जिम्मेदारियां उनके लिए समान रूप से सम्मान की बात हैं।
युवाओं को दिया प्रेरणादायक संदेश
अरुंधति ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि अपने सपनों को कभी मत छोड़िए। लक्ष्य हासिल करने का रास्ता कठिन हो सकता है, लेकिन मेहनत और दृढ़ संकल्प से हर सपना पूरा किया जा सकता है।
राजस्थान में बेहतर खेल सुविधाओं की मांग
अरुंधति ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग के लिए उन्हें राजस्थान छोड़कर हरियाणा के रोहतक जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि राजस्थान में भी विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं विकसित हों तो प्रदेश के और खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफलता हासिल कर सकते हैं।