उत्तर प्रदेश- उत्तर प्रदेश में रविवार से मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर समेत 57 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। गोरखपुर और आसपास के आठ जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 6 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई जिलों में सुबह से बादल छाए रहे और हल्की हवाएं चलती रहीं, जिससे मौसम सुहावना हो गया।
57 जिलों में बारिश का अलर्ट, 6 अगस्त तक बरसेंगे बादल
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसूनी ट्रफ तेजी से उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रही है, जिससे अगले 24 घंटों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। आज प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि सोमवार से कई जिलों में तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को जलभराव और खराब मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
गंगा, घाघरा और सरयू समेत 10 नदियां उफान पर
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर उत्तर प्रदेश की नदियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। गंगा, घाघरा, सरयू समेत करीब 10 नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और राहत दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
बिजनौर में छह गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, 12 गांवों पर संकट
बिजनौर जिले में गंगा नदी उफान पर है। बाढ़ का पानी आधा दर्जन गांवों में प्रवेश कर चुका है, जबकि करीब 12 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। कई संपर्क मार्गों पर तीन से चार फीट तक पानी भर गया है, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली और बैलगाड़ियों के सहारे आवाजाही कर रहे हैं। यदि जलस्तर और बढ़ा तो खाद्य सामग्री और पशुओं के चारे की समस्या भी गंभीर हो सकती है।
वाराणसी के घाट और मंदिर जलमग्न
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई प्रमुख घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। नदी किनारे स्थित लगभग 50 से 60 मंदिरों में भी पानी भर गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है तथा घाटों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
बलिया में सरयू का कटान बना बड़ी चिंता
बलिया जिले के बांसडीह तहसील क्षेत्र में सरयू नदी का कटान लगातार तेज हो रहा है। महाराजपुर, भोजपुरवा और सुल्तानपुर पोखरा बस्ती के पास नदी आबादी से महज 80 मीटर दूर पहुंच गई है। अब तक करीब 100 बीघे से अधिक उपजाऊ कृषि भूमि नदी में समा चुकी है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
लखीमपुर-खीरी में घर के किचन से निकला 10 फीट लंबा रसल्स वाइपर
लखीमपुर-खीरी के पलिया क्षेत्र में शनिवार सुबह एक घर के किचन में करीब 10 फीट लंबा जहरीला रसल्स वाइपर सांप निकलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सांप का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। घटना के बाद इलाके के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रदेश में लगातार बदलते मौसम और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तरह सतर्क हैं। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। लोगों से नदी किनारे जाने से बचने, मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से तुरंत संपर्क करने की अपील की गई है।