नई दिल्ली- देश के कई राज्यों में मानसून ने तबाही मचा दी है। जम्मू-कश्मीर, केरल, उत्तराखंड और गुजरात में भारी बारिश के कारण बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाओं से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया, जबकि केरल में लैंडस्लाइड और बाढ़ से अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। उत्तराखंड में बदरीनाथ हाईवे का हिस्सा धंसने से यातायात प्रभावित हुआ है, वहीं गुजरात में हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
किश्तवाड़ में बादल फटा, कई घरों-दुकानों में घुसा पानी
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के छतरू इलाके में शनिवार तड़के बादल फटने से अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए। तेज बहाव में दो कारें बह गईं और कई मकानों व दुकानों को नुकसान पहुंचा। सड़कें मलबे, कीचड़ और बड़े पत्थरों से भर गईं। स्थिति को देखते हुए किश्तवाड़, डोडा और रामबन जिलों के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
केरल में भारी बारिश और लैंडस्लाइड से 6 की मौत
केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लैंडस्लाइड, बाढ़ और बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई है, जबकि छह अन्य अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज करते हुए 65 राहत शिविर बनाए हैं, जहां 1,465 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
उत्तराखंड में बदरीनाथ हाईवे धंसा, यमुनोत्री मार्ग पर भूस्खलन
उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर भूस्खलन होने से यातायात प्रभावित हुआ। वहीं चमोली जिले के गौचर के पास कमेड़ा क्षेत्र में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग का करीब 20 मीटर हिस्सा धंस गया, जिसके बाद सड़क पर वाहनों की आवाजाही वन-वे कर दी गई है। मौसम विभाग ने 7 अगस्त तक प्रदेश में भारी बारिश और खराब मौसम की चेतावनी जारी की है।
गुजरात में बाढ़ जैसे हालात, 27 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
गुजरात के सूरत, मोरबी और आसपास के इलाकों में भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। प्रशासन ने 27 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, जबकि 53 लोगों का रेस्क्यू किया गया। सूरत के अंबिका तालुका में 24 घंटे के दौरान 611 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे कई निचले इलाके जलमग्न हो गए।
तमिलनाडु में बारिश के लिए विशेष नमाज
एक ओर कई राज्यों में भारी बारिश तबाही मचा रही है, वहीं तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। बारिश की कामना को लेकर मुस्लिम समाज के करीब 2,000 लोगों ने सलात अल-इस्तिस्का (विशेष प्रार्थना) अदा की। राज्य के कई जिलों में तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है और जल संकट गहराता जा रहा है।