भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अगले 48 घंटे का मौसम अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इस दौरान कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है।
इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार राजगढ़, आलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, शिवपुरी और श्योपुरकलां जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में तेज गर्जना, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। प्रशासन को आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
इन जिलों में गरज-चमक के साथ होगी बारिश
प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, अशोकनगर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा जिलों में भी कई स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है।
क्यों बदला मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उससे लगे क्षेत्रों पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर एरिया) धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से सक्रिय बनी हुई है। प्रदेश के ऊपर और आसपास बने अन्य ट्रफ सिस्टम लगातार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी खींच रहे हैं। यही कारण है कि मध्यप्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले दो दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
कुछ दिनों तक सक्रिय रहेगा मानसून
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल मानसून कमजोर पड़ने के कोई संकेत नहीं हैं। अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। खासतौर पर पश्चिमी, मध्य और उत्तरी मध्यप्रदेश में अच्छी बारिश होने के आसार हैं। लगातार वर्षा के कारण दिन और रात के तापमान में भी गिरावट बनी रहेगी, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी।
पिछले 24 घंटे में कई इलाकों में बरसे बादल
बीते 24 घंटों के दौरान भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। वहीं ग्वालियर, जबलपुर और शहडोल संभाग के कई जिलों के अलावा सागर, चंबल और रीवा क्षेत्र में भी बारिश का असर देखने को मिला। कई स्थानों पर तेज बारिश के कारण जलभराव और स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने की खबरें भी सामने आईं।
झिरन्या में सबसे ज्यादा बारिश
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो खरगोन जिले के झिरन्या में सबसे अधिक 96 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके बाद गोगावां में 90 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं पाटी और कसरावद में 80-80 मिलीमीटर पानी दर्ज किया गया। इन इलाकों में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।
तापमान में आई गिरावट
लगातार बारिश का असर प्रदेश के तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। छतरपुर के खजुराहो में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं खरगोन में न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे बना हुआ है।
लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। तेज बारिश के समय नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें। किसानों को भी खेतों में कार्य करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।