लखनऊ। उत्तरप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। रविवार से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे मौसम सुहावना होने के साथ-साथ कई इलाकों में जनजीवन भी प्रभावित हुआ। पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब प्रदेश की नदियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। गंगा, घाघरा और सरयू समेत कई नदियां उफान पर हैं, जिससे बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं।
मौसम विभाग ने राज्य के 57 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें आठ जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
नोएडा, गाजियाबाद और कई जिलों में झमाझम बारिश
रविवार सुबह पूर्वी उत्तर प्रदेश के देवरिया, अंबेडकर नगर और जौनपुर में तेज बारिश हुई। इसके बाद दोपहर में नोएडा, गाजियाबाद और बलिया समेत कई जिलों में भी बारिश शुरू हो गई। राजधानी लखनऊ, कानपुर और आसपास के जिलों में दिनभर बादल छाए रहे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।गोरखपुर में रुक-रुक कर हल्की बूंदाबांदी होती रही, जबकि कई अन्य जिलों में भी बारिश के कारण लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।
संभल में एक घंटे की बारिश से जलभराव
संभल जिले में करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश के दौरान लगभग 10 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। कम समय में हुई तेज बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों और कॉलोनियों में पानी भर गया। कई घरों में भी बारिश का पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कों पर जलभराव होने से यातायात भी प्रभावित रहा।
बिजनौर में बाढ़ जैसे हालात, छह गांवों में घुसा गंगा का पानी
उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तरप्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार बारिश का असर अब गंगा नदी पर दिखाई दे रहा है। बिजनौर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी छह गांवों में प्रवेश कर गया है।बाढ़ के कारण 12 गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है। कई स्थानों पर सड़कें तीन से चार फीट तक पानी में डूब गई हैं। ग्रामीणों को आवाजाही के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली और बैलगाड़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है। गंगा पुल के समीप स्टेट हाईवे पर भी नदी का पानी बहने से यातायात प्रभावित हुआ है।प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को तैनात कर दिया है और लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
वाराणसी में गंगा का बढ़ा जलस्तर
वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी का पानी बढ़ने से कई प्रमुख घाटों की सीढ़ियां जलमग्न हो गई हैं। इसके अलावा गंगा किनारे स्थित 50 से 60 मंदिरों में भी पानी भर गया है। प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की है।
34 जिलों में दर्ज हुई बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 34 जिलों में बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक 73.8 मिलीमीटर वर्षा सिद्धार्थनगर में दर्ज हुई। इसके अलावा महराजगंज में 23.1 मिमी, कासगंज में 23 मिमी और बलरामपुर में 16.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।प्रशासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने की अपील की है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए राहत एवं बचाव दलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।