भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने लंबे समय बाद टीम इंडिया में वापसी की संभावनाओं पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। करीब चार साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर चल रहे भुवनेश्वर ने साफ कहा कि अब भारतीय टीम में वापसी उनके करियर का सबसे बड़ा लक्ष्य नहीं है। उन्होंने माना कि देश के लिए खेलने का सपना वह पहले ही पूरा कर चुके हैं और अब क्रिकेट उनके लिए सिर्फ उपलब्धियां हासिल करने का जरिया नहीं, बल्कि जुनून बन चुका है। 36 वर्षीय स्विंग गेंदबाज ने कहा कि अगर भविष्य में उन्हें दोबारा भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका मिलता है तो वह उसका स्वागत करेंगे, लेकिन इसके लिए किसी तरह का दबाव या बेचैनी अब उनके मन में नहीं है। उनका पूरा ध्यान फिलहाल खुद को फिट रखने, घरेलू क्रिकेट खेलने और खेल का आनंद लेने पर है।
'अब क्रिकेट सिर्फ जुनून के लिए खेल रहा हूं'
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि करियर के शुरुआती दौर में हर खिलाड़ी का सपना भारत के लिए खेलना होता है। लेकिन जब वह सपना पूरा हो जाता है तो सोच भी बदल जाती है। उन्होंने कहा कि अब वह आईपीएल और घरेलू क्रिकेट इसलिए खेल रहे हैं क्योंकि उन्हें क्रिकेट से प्यार है। उनके अनुसार खिलाड़ी को उन चीजों पर ध्यान देना चाहिए जो उसके नियंत्रण में हों, जबकि चयन जैसी बातें उसके हाथ में नहीं होतीं।
'टीम इंडिया के लिए खेल चुका हूं, अब खुद को साबित करने की जरूरत नहीं'
भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि भारतीय टीम की जर्सी पहनना हर क्रिकेटर का सपना होता है और उन्हें यह अवसर कई वर्षों तक मिला। ऐसे में अब उन्हें किसी के सामने खुद को साबित करने की आवश्यकता महसूस नहीं होती। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में फिर से टीम इंडिया का हिस्सा बनने का मौका मिलता है तो यह खुशी की बात होगी, लेकिन अगर ऐसा नहीं भी होता है तो उन्हें इसका कोई अफसोस नहीं रहेगा। उनका मानना है कि उन्होंने अपने करियर में जो हासिल करना था, वह काफी हद तक हासिल कर लिया है।
फिटनेस और घरेलू क्रिकेट पर पूरा फोकस
अनुभवी तेज गेंदबाज ने बताया कि वह नियमित रूप से घरेलू क्रिकेट और यूपी टी-20 लीग जैसे टूर्नामेंट खेलते हैं ताकि मैच प्रैक्टिस बनी रहे। साथ ही वह अपने शरीर को पर्याप्त आराम भी देते हैं, जिससे फिटनेस और प्रदर्शन दोनों बेहतर बने रहें। उन्होंने कहा कि लंबे करियर के बाद खिलाड़ी के लिए रिकवरी भी उतनी ही जरूरी होती है जितनी अभ्यास।
'घर पर क्रिकेट की चर्चा नहीं होती'
भुवनेश्वर कुमार ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहने के बावजूद वह मानसिक रूप से पूरी तरह संतुलित और शांत हैं। इसका सबसे बड़ा श्रेय उन्होंने अपने परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि घर में कभी इस बात पर चर्चा नहीं होती कि उनका चयन क्यों नहीं हुआ, टीम इंडिया में वापसी कब होगी या फिर चयनकर्ताओं ने क्या फैसला लिया। परिवार उन्हें सामान्य जीवन जीने में मदद करता है और यही कारण है कि वह किसी तरह की निराशा या दबाव महसूस नहीं करते।
'हर खिलाड़ी को बदलाव स्वीकार करना पड़ता है'
भुवनेश्वर कुमार ने माना कि क्रिकेट में पीढ़ियां बदलना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि हर दौर में नए खिलाड़ी आते हैं और टीम का हिस्सा बनते हैं। यह खेल का हिस्सा है और हर खिलाड़ी को इसे स्वीकार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वह पहले खिलाड़ी नहीं हैं जिन्हें यह दौर देखना पड़ा है और न ही आखिरी होंगे। इसलिए वह वर्तमान में जीना और अपने खेल का आनंद लेना पसंद करते हैं।
नवंबर 2022 में खेला था आखिरी इंटरनेशनल मैच
भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नवंबर 2022 में खेला था। इसके बाद वह राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना सके। हालांकि घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में वह लगातार सक्रिय हैं और अपने अनुभव से टीमों को मजबूती दे रहे हैं।
भुवनेश्वर कुमार का इंटरनेशनल करियर
भारत के लिए भुवनेश्वर कुमार का रिकॉर्ड शानदार रहा है।
टेस्ट मैच: 21
वनडे: 121
टी20 इंटरनेशनल: 87
तीनों प्रारूपों में उन्होंने अपनी स्विंग गेंदबाजी से कई अहम मौकों पर टीम इंडिया को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।