भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत मजबूती के साथ की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ खुले। बाजार में खरीदारी का नेतृत्व एफएमसीजी सेक्टर कर रहा था, जबकि ज्यादातर प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।
सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 242.54 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,246.36 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 83 अंक यानी 0.36 प्रतिशत चढ़कर 23,201.60 पर कारोबार कर रहा था। बाजार की शुरुआत में निवेशकों का रुझान खरीदारी की ओर रहा। हालांकि, वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते बाजार में आगे उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
FMCG इंडेक्स बना टॉप गेनर
सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी एफएमसीजी एक प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ सबसे ज्यादा लाभ में रहा। इसके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी ऑटो, निफ्टी इंफ्रा, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी कमोडिटीज और निफ्टी आईटी में भी तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में केवल निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स लाल निशान में नजर आया।
मिडकैप और स्मॉलकैप में मिला-जुला कारोबार
बुधवार को लार्जकैप शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिलाजुला रुख देखने को मिला।
- निफ्टी मिडकैप 100: 95 अंक या 0.16 प्रतिशत बढ़कर 60,975
- निफ्टी स्मॉलकैप: 5 अंक या 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 19,416
इससे संकेत मिलता है कि शुरुआती तेजी मुख्य रूप से बड़े और चुनिंदा सेक्टर के शेयरों तक सीमित रही, जबकि छोटे शेयरों में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
इन शेयरों में रही तेजी
शुरुआती कारोबार में कई प्रमुख कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। इनमें शामिल रहे:
- आईटीसी
- महिंद्रा एंड महिंद्रा
- भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड
- भारतीय स्टेट बैंक
- हिंदुस्तान यूनिलीवर
- एचसीएल टेक्नोलॉजीज
- एशियन पेंट्स
- अदाणी पोर्ट्स
- कोटक महिंद्रा बैंक
- पावर ग्रिड
- अल्ट्राटेक सीमेंट
- मारुति सुजुकी
- ट्रेंट
- टाइटन
- बजाज फाइनेंस
- सन फार्मा
- टेक महिंद्रा
- इंफोसिस
वहीं, एनटीपीसी, इंडिगो, एचडीएफसी बैंक और इटरनल शुरुआती कारोबार में गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।
एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत
एशियाई बाजारों में भी बुधवार को ज्यादातर प्रमुख बाजारों में तेजी देखने को मिली। टोक्यो, शंघाई, सोल और जकार्ता के बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर, हांगकांग और बैंकॉक के बाजार लाल निशान में रहे। इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे। डाओ जोन्स में 0.63 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.78 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। अमेरिकी बाजारों की इस गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार में घरेलू खरीदारी के चलते सकारात्मक शुरुआत देखने को मिली।
बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ये दोनों ही फैक्टर भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और क्रूड ऑयल की कीमतों से जुड़े दबाव कम नहीं होते, तब तक बाजार में बड़ी और टिकाऊ रिकवरी की उम्मीद करना मुश्किल हो सकता है।
FII की लगातार बिकवाली से दबाव
विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII पिछले पांच कारोबारी सत्रों से भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे हैं। अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड के करीब 5 प्रतिशत के स्तर पर बने रहने से विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिकी बॉन्ड में निवेश आकर्षक हो सकता है। ऐसे में बाजार में आने वाली छोटी तेजी पर भी विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली देखने को मिल सकती है। इससे बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
बाजार की शुरुआती तेजी के बावजूद निवेशकों को वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर नजर रखनी चाहिए। सेक्टर आधारित तेजी में बिना रिसर्च के खरीदारी करने के बजाय मजबूत कंपनियों और अपने जोखिम प्रोफाइल के अनुसार निवेश का फैसला करना बेहतर होगा।