भारत में 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट UPI ट्रांजेक्शन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR लागू होने की चर्चा है। इस खबर के बाद विदेश यात्रा करने वाले भारतीयों और NRIs के बीच सवाल उठने लगा है कि क्या फ्रांस, सिंगापुर, UAE या अन्य देशों में UPI से भुगतान करने पर भी अतिरिक्त शुल्क देना होगा। जानकारी के अनुसार, घरेलू UPI पेमेंट और अंतरराष्ट्रीय UPI ट्रांजेक्शन के नियम अलग-अलग होते हैं। ऐसे में विदेशों में QR कोड स्कैन कर भुगतान करने वाले भारतीय यात्रियों पर भारत में लागू होने वाले घरेलू MDR का सीधा असर नहीं पड़ेगा।
विदेशों में UPI पेमेंट पर नहीं लगेगा घरेलू MDR?
भारत में प्रस्तावित नया MDR ढांचा मुख्य रूप से भारतीय मर्चेंट्स को किए जाने वाले पेमेंट यानी Person-to-Merchant (P2M) ट्रांजेक्शन पर केंद्रित है। इसके तहत ₹2,000 से अधिक के कुछ मर्चेंट पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत शुल्क की व्यवस्था बताई जा रही है। हालांकि, विदेशों में UPI से होने वाले भुगतान क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट सिस्टम, विदेशी बैंकों और स्थानीय पेमेंट पार्टनर्स के बीच हुए समझौतों के आधार पर संचालित होते हैं। इसलिए भारत में लागू घरेलू MDR को विदेशों में होने वाले हर UPI पेमेंट पर सीधे लागू नहीं किया जाता। इसका मतलब है कि विदेश यात्रा के दौरान UPI इस्तेमाल करने वाले भारतीयों को इस घरेलू शुल्क के कारण अलग से 0.4 प्रतिशत चार्ज देने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, विदेशी मुद्रा विनिमय दर या बैंक की ओर से लगाए जाने वाले अन्य शुल्क अलग विषय हैं।
इन 11 देशों में सक्रिय है UPI नेटवर्क
NPCI की अंतरराष्ट्रीय शाखा NPCI International Payments Limited यानी NIPL के जरिए UPI कई देशों में इस्तेमाल किया जा सकता है। इनमें प्रमुख रूप से ये देश शामिल हैं:
- यूरोप और मिडिल ईस्ट
- फ्रांस
- संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE
- कतर
- ग्रीस
दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया
- सिंगापुर
- नेपाल
- भूटान
- श्रीलंका
- मालदीव
- कंबोडिया
- मॉरीशस
इन देशों में उपलब्धता बैंक, ऐप, स्थानीय पार्टनर और संबंधित मर्चेंट के UPI सपोर्ट पर निर्भर कर सकती है।
क्या ग्राहकों से सीधे UPI चार्ज लिया जाएगा?
बताई जा रही नई व्यवस्था में आम ग्राहकों के लिए UPI को सीधे चार्ज-फ्री रखने की बात कही गई है। यानी ग्राहक भारत में हो या किसी ऐसे देश में जहां UPI स्वीकार किया जा रहा है, केवल UPI इस्तेमाल करने के कारण उससे अलग से डायरेक्ट चार्ज लेने का प्रावधान नहीं बताया गया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय भुगतान के मामले में कुछ अन्य लागत लागू हो सकती हैं, जैसे:
- विदेशी मुद्रा विनिमय दर
- बैंक का फॉरेक्स कन्वर्जन चार्ज
- कार्ड या बैंक की अंतरराष्ट्रीय सेवा फीस
- स्थानीय पेमेंट पार्टनर के नियम
इसलिए भुगतान से पहले ऐप पर दिखाई जा रही राशि और संभावित कन्वर्जन चार्ज को ध्यान से देखना जरूरी है।
Person-to-Person ट्रांसफर पर भी नहीं पड़ेगा असर
UPI के जरिए व्यक्ति से व्यक्ति को पैसे भेजने यानी Person-to-Person या P2P ट्रांसफर पर नए MDR का असर नहीं बताया गया है। MDR आमतौर पर मर्चेंट को किए जाने वाले पेमेंट से जुड़ा शुल्क होता है। इसलिए किसी व्यक्ति को पैसे भेजने और किसी दुकान या कारोबारी को भुगतान करने के नियम अलग हो सकते हैं। विदेशों में भी इंटरनेशनल ट्रांसफर की सुविधा संबंधित बैंकिंग व्यवस्था और उपलब्ध सेवाओं पर निर्भर करती है।
विदेश में UPI पेमेंट कैसे काम करता है?
- मान लीजिए कोई भारतीय यात्री सिंगापुर के चांगी एयरपोर्ट, दुबई या फ्रांस में किसी दुकान का UPI QR कोड स्कैन करता है। ऐसी स्थिति में सामान्य तौर पर प्रक्रिया इस तरह हो सकती है:
- ग्राहक अपने UPI ऐप से विदेशी मर्चेंट का QR कोड स्कैन करता है।
- पेमेंट की राशि ऐप में दिखाई देती है।
- भारतीय बैंक खाते से रुपये में राशि डेबिट होती है।
- जहां जरूरी हो, वहां मुद्रा विनिमय दर और संबंधित फॉरेक्स जानकारी दिखाई जा सकती है।
- भुगतान पूरा होने के बाद ऐप में ट्रांजेक्शन की पुष्टि मिलती है।
ध्यान रहे कि हर देश, बैंक और मर्चेंट पर पेमेंट का तरीका एक जैसा नहीं हो सकता। कुछ जगहों पर स्थानीय मुद्रा में राशि दिख सकती है, जबकि बैंक खाते से भारतीय रुपये में डेबिट हो सकता है।
भारत में ₹2,000 से अधिक के UPI पेमेंट पर क्या बदलाव?
बताई गई नई घरेलू व्यवस्था के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के कुछ मर्चेंट UPI पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू हो सकता है। इस शुल्क की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजेक्शन बताई जा रही है। कुछ विशेष कैटेगरी के लिए फ्लैट शुल्क की व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है। इनमें रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस और फ्यूल जैसी सेवाएं शामिल बताई जा रही हैं। इन कैटेगरी में ₹2,000 से अधिक के पेमेंट पर ₹5 का फ्लैट चार्ज होने की जानकारी सामने आई है। वित्तीय व्यवस्था के तहत बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि मर्चेंट इस शुल्क का बोझ सीधे ग्राहकों पर न डालें। हालांकि, नियमों का वास्तविक प्रभाव उनके अंतिम आधिकारिक नोटिफिकेशन और लागू शर्तों पर निर्भर करेगा।
यात्रियों और NRIs को क्या ध्यान रखना चाहिए?
- विदेश में UPI इस्तेमाल करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें:
- अपने UPI ऐप में इंटरनेशनल पेमेंट सुविधा सक्रिय करें।
- बैंक से पता करें कि आपका खाता इंटरनेशनल UPI के लिए योग्य है या नहीं।
- भुगतान से पहले एक्सचेंज रेट और फॉरेक्स चार्ज देखें।
- केवल भरोसेमंद और अधिकृत QR कोड पर ही पेमेंट करें।
- ट्रांजेक्शन लिमिट और बैंक की अंतरराष्ट्रीय भुगतान शर्तों की जानकारी रखें।
- पेमेंट फेल होने की स्थिति में बैंक और UPI ऐप की हेल्पलाइन से संपर्क करें।
निष्कर्ष: भारत में लागू होने वाला घरेलू MDR ढांचा विदेशों में UPI से किए जाने वाले पेमेंट पर सीधे लागू नहीं माना जा रहा है। इसलिए विदेश यात्रा करने वाले भारतीयों और NRIs को 0.4 प्रतिशत घरेलू MDR के कारण अतिरिक्त शुल्क की चिंता नहीं करनी चाहिए। फिर भी विदेशी मुद्रा विनिमय और बैंकिंग शुल्क से जुड़ी शर्तें लागू हो सकती हैं, इसलिए पेमेंट से पहले पूरी जानकारी देखना जरूरी है।