भोपाल। सागर में सामने आए जहरीली शराब कांड के बाद मध्य प्रदेश आबकारी विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रदेशभर के सभी आबकारी अधिकारियों के साथ हाईलेवल बैठक की। बैठक में अवैध और मिलावटी शराब के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करने को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। मंत्री जगदीश देवड़ा ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि सागर जैसी घटना की पुनरावृत्ति किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने को कहा।
सागर शराब कांड के बाद विभाग अलर्ट
सागर में जहरीली शराब से जुड़े मामले ने आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी अवैध शराब के ठिकानों और संदिग्ध गतिविधियों की जांच को लेकर विभाग सक्रिय हो गया है। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शराब की अवैध बिक्री या मिलावट से जुड़ी किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए। स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सूचनाओं की तत्काल जांच हो और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मंत्री जगदीश देवड़ा ने अपनाया सख्त रुख
आबकारी मंत्री ने बैठक में कहा कि अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से मैदानी स्तर पर निगरानी बढ़ाने और विभागीय अमले को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार चलता पाया गया या जहरीली शराब जैसी घटना सामने आई, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
प्रदेशभर के अधिकारियों को दिए निर्देश
हाईलेवल बैठक में प्रदेश के सभी जिलों में आबकारी व्यवस्था की समीक्षा की गई। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर जोर दिया गया:
- अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाना।
- मिलावटी शराब की शिकायतों पर तुरंत जांच करना।
- शराब तस्करी से जुड़े नेटवर्क की पहचान करना।
- संदिग्ध ठिकानों पर नियमित निगरानी रखना।
- लाइसेंसधारी शराब दुकानों की जांच व्यवस्था मजबूत करना।
- लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करना।
अवैध शराब के खिलाफ तेज हो सकती है कार्रवाई
सागर कांड के बाद आबकारी विभाग की ओर से प्रदेशभर में छापेमारी और जांच अभियान तेज किए जाने की संभावना है। खासकर उन इलाकों में निगरानी बढ़ाई जा सकती है, जहां अवैध शराब की बिक्री या तस्करी की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। विभाग की ओर से अवैध शराब के निर्माण स्थलों, सप्लाई नेटवर्क और संदिग्ध कारोबारियों पर कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया जा सकता है।
जहरीली शराब पर रोक लगाना बड़ी चुनौती
जहरीली या मिलावटी शराब का सेवन लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे मामलों में केवल शराब जब्त करना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उसके निर्माण और सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच करना भी जरूरी होता है। आबकारी विभाग के सामने चुनौती यह है कि अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को भी मजबूत किया जाए। इसके लिए नियमित निगरानी, जांच और त्वरित कार्रवाई अहम मानी जा रही है।
घटना दोबारा न हो, इसके लिए जिम्मेदारी तय करने पर जोर
सागर जहरीली शराब कांड के बाद हुई बैठक को आबकारी विभाग के लिए एक सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। मंत्री जगदीश देवड़ा ने अधिकारियों को साफ कर दिया है कि अवैध शराब और मिलावट के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अब निगाह इस बात पर है कि बैठक में दिए गए निर्देशों को जिलों में किस तरह लागू किया जाता है और अवैध शराब के खिलाफ विभाग की कार्रवाई कितनी प्रभावी साबित होती है।