उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम खराब रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में बारिश हो सकती है। पहाड़ी जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।कुछ स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ तीव्र से अति तीव्र बारिश के दौर की आशंका जताई गई है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों को सतर्क रहने की जरूरत है।
अल्मोड़ा में मूसलाधार बारिश, रामगंगा नदी उफान पर
अल्मोड़ा के चौखुटिया क्षेत्र में देर रात भारी बारिश हुई। बारिश के बाद रामगंगा नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हुई और नदी उफान पर आ गई।नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
आदि कैलाश मार्ग पर फिर बाधित हुआ यातायात
पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग पर दोबाट के पास पहाड़ी दरकने से सड़क एक बार फिर बंद हो गई।मलघाट और गस्कू मार्ग पिछले तीन दिनों से बंद थे। मंगलवार को सीमा सड़क संगठन (BRO) ने इन मार्गों को चौथे दिन खोल दिया था। हालांकि इसके कुछ समय बाद ही दोबाट में पहाड़ी दरकने से मार्ग फिर बाधित हो गया।लगातार बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है, जिससे सड़क खोलने के बाद भी यातायात बाधित होने की स्थिति सामने आ रही है।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर पत्थर गिरने का खतरा
रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास लगातार पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है।यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें हेलमेट पहनाकर केदारनाथ धाम की ओर भेजा जा रहा है। संवेदनशील हिस्से में सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है।
चीरबासा में घोड़े-खच्चरों के शव से परेशानी
चीरबासा के पास रास्ते में कई जगह घोड़े और खच्चरों के शव पड़े होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया कि करीब चार दिन पहले हुई लैंडस्लाइड की चपेट में आने से इनकी मौत हुई थी।शवों के कारण आसपास तेज दुर्गंध और सांस लेने में परेशानी की शिकायत भी सामने आ रही है। इससे पैदल मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पहाड़ों में यात्रा के दौरान सावधानी जरूरी
मौसम विभाग के बारिश और आकाशीय बिजली के अलर्ट के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों पर नजर रखने की जरूरत है। भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है।